नेपाल ने चुनी योग्यता, भारत कब छोड़ेगा परिवारवाद?
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री एक एम्स दिल्ली की पूर्व छात्रा हैं – योग्यता का जीता-जागता उदाहरण। वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र हैं, जिनकी योग्यता तो दूर, राजनीतिक विरासत ही उनका आधार है। नेपाल योग्यता के आधार पर राजनीति कर रहा है, जबकि भारत अभी भी भाई-भतीजावाद की दलदल में फंसा हुआ है!
यह तुलना हमारी राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है। नेपाल ने मेरिट को प्राथमिकता दी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुईं। भारत में nepotism का बोलबाला है – नेता परिवारवाद से सत्ता संभालते हैं, जनता पीछे छूट जाती है। क्या समय नहीं आया कि हम योग्यता को आगे लाएं? युवा टैलेंट को मौका दें, न कि 'पापा के नाम' पर।
सुधार की जरूरत है – पारदर्शी चयन प्रक्रिया, मेरिट-बेस्ड अपॉइंटमेंट। नेपाल से सीखें, भारत को बदलें!
क्या भारत को अपनी सोच नहीं बदलना चाहिए,
यंग पावर,यंग सत्ता,यंग सोच?
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