सरकारी विद्यालयों की अनदेखी क्यों? दीपके ने शुरू किया ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, निजी स्कूलों में फीस तय करने की मांग
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में किसी भी दल की सरकार रही हो, ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
दीपके ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचने से पहले सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अब लोगों को शिक्षा के मुद्दे पर सवाल पूछने होंगे। उनके मुताबिक, सवाल उठाकर सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार कराया जा सकता है। दीपके ने निजी स्कूलों की फीस को भी नियंत्रित करने और निर्धारित करने की मांग की।
तिरंगा रैली के बैनरों पर भी उठाए सवाल
दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में आयोजित तिरंगा रैली के दौरान लगाए गए बड़े-बड़े बैनरों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हर 40-50 फीट पर बड़े बैनर लगाए गए थे और यह जानना जरूरी है कि इनके लिए पैसा कहां से आया।
उन्होंने कहा कि अगर यही पैसा ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों और छात्रों की शिक्षा पर खर्च किया जाता तो ज्यादा बेहतर होता। दीपके ने राजनीतिक दलों से सवाल किया कि वे केवल आयोजन और प्रचार पर खर्च करना चाहते हैं या वास्तव में छात्रों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहते हैं।
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