पूर्वोत्तर में मौसम का कहर: अरुणाचल में बाढ़ तो सिक्किम में भूस्खलन, हिमाचल में 183 लोगों की मौत
देश के कई हिस्सों में मानसून का कहर जारी है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बारिश की वजह से सड़कें जलमग्न हो गईं और तेज बहाव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम की मार से सेना का एक शिविर भी प्रभावित हुआ है।
अरुणाचल प्रदेश के अलावा सिक्किम में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पश्चिम सिक्किम के रिम्बी और सिंगलिटम क्षेत्रों में भूस्खलन से कई स्थानों पर हालात खराब हुए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कई इलाकों में 18 और 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
हिमाचल में बारिश और आपदाओं से 183 लोगों की मौत
मानसून की बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से हिमाचल प्रदेश में भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार और मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से 15 अगस्त के बीच बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हुई है। राज्य को 972.64 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
आंकड़ों के मुताबिक, 79 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुई, जबकि 104 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। मानसून से जुड़ी घटनाओं में 291 लोग घायल हुए हैं और 31 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 732 से अधिक पशुओं की भी मौत हुई है।
15 अगस्त की शाम तक हिमाचल प्रदेश में 103 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 43 और कुल्लू की 32 सड़कें शामिल हैं। बारिश और आपदा के कारण राज्य की 221 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें अकेले मंडी की 209 योजनाएं शामिल हैं।
ओडिशा और असम समेत कई राज्यों में भी भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और बहाली के काम में जुटी हैं।
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