शहजाद पूनावाला ने भाजपा को कहा ‘बाय-बाय’, राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और सक्रिय सदस्यता से दिया इस्तीफा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला ने पार्टी छोड़ने का अंतिम फैसला कर लिया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र लिखकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से अलग होने की इच्छा जताई है। इससे पहले 30 जुलाई 2026 को उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने तत्काल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।
पूनावाला के मुताबिक, उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ गंभीर विचार-विमर्श के बाद भी अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को वजह बताया है।
पूनावाला ने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक व्यवस्था से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी की विचारधारा तथा कार्यों के प्रति उनका समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने अपने फैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह पार्टी की व्यवस्था से अलग हो रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति से नहीं।
अपने पत्र में पूनावाला ने पिछले कुछ दिनों में सामने आई परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों और परिस्थितियों को लेकर उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ विस्तार से चर्चा की थी, उनके कारण उन्होंने अपने पहले के निर्णय पर कायम रहने का अंतिम फैसला लिया।
पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं के प्रति उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या आहत भावना नहीं है।
उन्होंने भाजपा की ओर से पिछले पांच वर्षों में मिले मंच और अवसरों के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद भी किया। हालांकि, अपने पत्र में उन्होंने कुछ परिस्थितियों को लेकर संकेत जरूर दिए हैं, जिन्हें लेकर उन्होंने पहले पार्टी नेतृत्व से चर्चा की थी।
पूनावाला ने आगे बताया कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण अब वह निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की सक्रिय राजनीति से अलग होने के बाद भी भविष्य में जहां भी और जिस भी रूप में संभव होगा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे।
इस फैसले के साथ शहजाद पूनावाला ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सक्रिय प्राथमिक सदस्य के तौर पर अपनी राजनीतिक भूमिका से दूरी बना ली है। उनके इस्तीफे के पीछे बताई गई व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ पत्र में किए गए संकेतों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
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