राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: बोलीं- सिंधु जल संधि निलंबन राष्ट्रीय हित में, 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया और सभी देशवासियों को आजादी के 80वें वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश की प्रगति, संविधान, विदेश नीति, सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान, सिंधु जल संधि और सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में योगदान देना ही स्वतंत्रता का वास्तविक महत्व है।
राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका जरूरी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय स्वतंत्रता दिवस को गर्व और उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मजदूरों और किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सिंधु जल संधि पर राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति ने कहा कि सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने युवाओं, वैज्ञानिकों और देशवासियों से नवाचार, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र, संविधान के मूल्यों और नागरिकों की भागीदारी से ही भारत अपनी विकास यात्रा को और गति दे सकता है।
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