मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार, शामली मुठभेड़ में बहादुरी से किया था बदमाशों का सामना
शामली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बलिदानी एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया गया। 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने टीम का नेतृत्व करते हुए बदमाशों का बहादुरी से सामना किया था।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ करीब 30 मिनट तक चली थी। इस दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपनी एके-47 से जवाबी कार्रवाई करते हुए टीम का नेतृत्व किया। इसी दौरान उन्हें गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस मुठभेड़ में मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग के शार्प शूटर अरशद समेत चार बदमाश मारे गए थे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों के पास से हथियार भी बरामद किए थे।
26 साल से एसटीएफ में थे सुनील कुमार
इंस्पेक्टर सुनील कुमार मेरठ क्षेत्र के रहने वाले थे। वह पहले आर्म्ड फोर्स में तैनात रहे और पीएसी कंपनी में कमांडर की जिम्मेदारी भी संभाली। करीब 26 वर्ष पहले वह एसटीएफ में शामिल हुए थे। उन्होंने ददुआ, ठोकिया और अनिल दुजाना समेत कई कुख्यात बदमाशों के खिलाफ हुई मुठभेड़ों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
शामली की इस मुठभेड़ में उनके साहस और नेतृत्व को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
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