बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा, दिल्ली की नर्स पांच-पांच लाख रुपये में बेचती थी बच्चे; छह आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। असमोली थाना पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दिल्ली की एक नर्स और हाई-प्रोफाइल परिवारों से बच्चों का सौदा करने वाली महिला भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कोमल दिल्ली के एक आईवीएफ क्लीनिक में नर्स के रूप में काम करती है। वहां संतान की इच्छा रखने वाले आर्थिक रूप से सक्षम परिवार पहुंचते हैं। आरोप है कि कोमल और उसकी साथी वंदना जैन ऐसे ही परिवारों से संपर्क कर बच्चों का सौदा करती थीं।
एसपी के मुताबिक, दोनों बच्चों को पांच-पांच लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई गई थी। अपहरण करने वाले गिरोह को एक बच्चे के बदले 2.40 लाख रुपये दिए गए थे। दूसरे बच्चे को आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद गांव में ही छोड़ दिया था।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि चार अगस्त को संभल के गांव ओबरी में लगे मेले से सलमान के चार वर्षीय बेटे उवैस का अपहरण हुआ था। इसके बाद आठ अगस्त को हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव निवासी नाजिर हुसैन के चार वर्षीय बेटे सुलेमान के अपहरण की सूचना मिली।
दोनों बच्चों के अपहरण के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना पुलिस ने करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान एक बाइक और कार को ट्रेस कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में संभल के फरीद, मुरादाबाद के फैसल और शमशाद के अलावा दिल्ली की कोमल, वंदना जैन और गुड्डी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले बच्चे को अपहरण के बाद दिल्ली ले जाया गया था, जबकि दूसरे बच्चे को पुलिस की सक्रियता देखकर गांव में ही छोड़ दिया गया।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बच्चों के खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)