भरत तिवारी एनकाउंटर: तेरहवीं में उमड़ी भीड़, जांच की मांग तेज; परिवार ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं पर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग उनके गांव पहुंचे। परिवार की ओर से करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि अतिरिक्त 15 हजार लोगों के लिए भी राशन का इंतजाम रखा गया है। गांव और आसपास के खेतों में बड़े टेंट, कुर्सियां, पलंग, कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के ठहरने और आराम की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान परिवार ने पुलिस मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। भरत की मां ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्य सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है तथा मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
इस बीच, भरत तिवारी मामले में दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी है। परिवार के घर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने बताया कि 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मामले की जांच की मांग को लेकर 11 अलग-अलग समितियों का गठन भी किया गया है।
श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो बिहार बंद का आह्वान किया जाएगा। वहीं, अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने भोजपुर के वकीलों से अपील की कि वे मामले में नामजद पुलिसकर्मियों की पैरवी न करें। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के बांदा में अखिल भारतीय हिंदू फाउंडेशन ने भी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।
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