Tesla से बारहसिंगा के सींग तक… फर्जी IAS मनीष गुप्ता के घर से मिला ‘खजाना’, पुलिस भी हैरान
बिहार के खगड़िया में कथित फर्जी IAS अधिकारी मनीष गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद उसके घर से बरामद सामान ने पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस को महंगी Tesla कार, Tata Safari, 20 क्रेडिट कार्ड, चार चेकबुक, पांच मोबाइल फोन, विदेशी शराब और बारहसिंगा के दो सींग मिले हैं। इसके अलावा आरोपी के पास से एक कथित फर्जी IAS पहचान पत्र भी बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मनीष गुप्ता खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। आरोप है कि उसने इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल खगड़िया के साथ-साथ बिहार के दूसरे जिलों में भी लोगों को प्रभावित करने और कथित तौर पर ठगी करने के लिए किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी पहचान के जरिए उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी संपत्ति जुटाई।
छापेमारी में मिली Tesla कार पुलिस के लिए जांच का खास विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी Tesla पर ‘Government of India’ लिखवाकर चलता था। महंगी कार और उस पर भारत सरकार का नाम देखकर लोगों के बीच उसके सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव बन सकता था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कार का इस्तेमाल केवल निजी तौर पर किया जाता था या फर्जी IAS की पहचान को मजबूत करने के लिए भी किया जाता था।
घर से एक Tata Safari भी बरामद हुई है। इसके अलावा 20 क्रेडिट कार्ड और चार चेकबुक मिलने के बाद पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन खातों और वित्तीय साधनों के जरिए किस तरह के लेन-देन किए गए और आरोपी की कथित संपत्ति का स्रोत क्या था।
पुलिस को आरोपी के पास से पांच मोबाइल फोन और कथित फर्जी IAS पहचान पत्र भी मिला है। अब मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए उसके संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल उसने किन लोगों के सामने किया और इससे उसे क्या लाभ मिला, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
छापेमारी के दौरान बरामद बारहसिंगा के दो सींगों ने भी जांच का नया पहलू जोड़ दिया है। पुलिस अब इनके स्रोत और आरोपी के पास पहुंचने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं विदेशी शराब की बरामदगी को लेकर भी नियमानुसार जांच की जा रही है।
फर्जी IAS अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब केवल उसकी कथित फर्जी पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसकी संपत्ति, बैंकिंग लेन-देन, संपर्कों और बरामद सामान के स्रोत की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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