पंढरपुर मंदिर समिति को अदालत का झटका, विट्ठल मूर्ति पर रासायनिक लेप लगाने पर अंतरिम रोक
सोलापुर (आरएनआई) महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एक अदालत ने पंढरपुर के प्रसिद्ध विट्ठल मंदिर में भगवान विट्ठल की मूर्ति पर रासायनिक सुरक्षा परत (केमिकल कोटिंग) लगाने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि धार्मिक परंपराओं, आस्था और भक्तों की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है तथा इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के संबंध में स्पष्टता आने तक मूर्ति पर किसी प्रकार का रासायनिक लेप नहीं लगाया जाएगा।
संयुक्त सिविल जज एस.एस. राउल ने सोमवार को यह अंतरिम आदेश महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और वारकरी समुदाय के सदस्यों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका में श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत मंगलवार और बुधवार को मूर्ति पर रासायनिक संरक्षण कार्य किया जाना प्रस्तावित था।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि मूर्ति पर एपॉक्सी रेजिन जैसे आधुनिक रसायनों का उपयोग धार्मिक शास्त्रों और परंपराओं के विपरीत है। उनका कहना था कि इस प्रकार की सामग्री का प्रयोग प्राचीन मूर्ति की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने इसके स्थान पर पारंपरिक और प्राकृतिक ‘वज्रलेप’ पद्धति अपनाने की मांग की।
वहीं, मंदिर समिति ने अदालत को बताया कि आगामी आषाढ़ी एकादशी यात्रा से पहले मूर्ति के संरक्षण और टूट-फूट को रोकने के उद्देश्य से पुरातत्व विशेषज्ञों की सिफारिश पर यह कार्य प्रस्तावित किया गया था। समिति ने यह भी दलील दी कि याचिकाकर्ताओं को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
हालांकि अदालत ने मंदिर समिति की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि मंदिर समिति केवल एक प्रशासकीय और संरक्षक संस्था के रूप में कार्य करती है। उसे मूर्ति पर किसी प्रकार के स्वामित्व या संप्रभु अधिकार का दावा नहीं है।
अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि भगवान विट्ठल की मूर्ति सभी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और उससे संबंधित कोई भी निर्णय भक्तों की व्यापक चिंता का विषय है। इसलिए जब तक प्रस्तावित रासायनिक लेप की प्रकृति और उसके प्रभावों को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं मिल जाती, तब तक मूर्ति पर किसी भी प्रकार की कोटिंग नहीं की जाएगी।
मामले की अगली सुनवाई तक अदालत का यह अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)