‘क्या आधी रात में लिखते हैं याचिकाएं?’ सुप्रीम कोर्ट ने वकील को लगाई कड़ी फटकार, पांच PIL खारिज
नई दिल्ली (आरएनआई)। Supreme Court of India ने सोमवार को एक वकील द्वारा दायर पांच जनहित याचिकाओं (PIL) को ‘असंगत और बेवजह’ बताते हुए खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाओं की प्रकृति पर नाराजगी जताते हुए वकील को कड़ी फटकार लगाई।
सुनवाई के दौरान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने याचिकाकर्ता वकील Sachin Gupta से सवाल करते हुए कहा, “क्या आप ये सारी याचिकाएं आधी रात में तैयार करते हैं?” अदालत ने कहा कि प्रस्तुत की गई याचिकाएं अस्पष्ट, असंगत और बिना ठोस आधार के दायर की गई हैं।
दरअसल, इन याचिकाओं में से एक में यह मांग की गई थी कि यह जांच कराई जाए कि प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ यानी नकारात्मक ऊर्जा होती है या नहीं। इस पर पीठ में शामिल न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi ने भी आपत्ति जताई और वकील को कई बेवजह याचिकाएं दायर करने पर फटकार लगाई। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की मांगों से अनावश्यक रूप से धार्मिक समुदायों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
जब वकील ने दलील दी कि यह एक आम सामाजिक समस्या है और गुजरात में किसी व्यक्ति ने खाने में प्याज इस्तेमाल होने पर तलाक तक ले लिया था, तब अदालत ने और सख्त रुख अपनाया। मुख्य न्यायाधीश ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में ऐसी बेबुनियाद याचिकाएं फिर दायर की गईं, तो अदालत कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
इसी सुनवाई में अदालत ने वकील की ओर से दायर चार अन्य पीआईएल भी खारिज कर दीं। इनमें शराब और तंबाकू उत्पादों में हानिकारक सामग्री को नियंत्रित करने, संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने और शास्त्रीय भाषाओं की घोषणा के लिए दिशा-निर्देश तय करने जैसी मांगें शामिल थीं। अदालत ने कहा कि इन याचिकाओं में मांगे स्पष्ट नहीं थीं और इनके समर्थन में कोई ठोस कानूनी आधार भी पेश नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर याचिकाकर्ता स्वयं वकील न होते, तो अदालत उन पर उदाहरणात्मक जुर्माना लगाने पर भी विचार कर सकती थी। अदालत ने इस तरह की निराधार याचिकाओं से न्यायिक समय बर्बाद होने पर भी चिंता जताई।
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