मथुरा की बदहाली ने खोली भाजपा के विकास के दावों की पोल, सपा ने गिनाया अपना काम
मथुरा। भाजपा सरकार के विकास के दावों को लेकर समाजवादी पार्टी ने मथुरा की स्थानीय समस्याओं के मुद्दे पर हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर महानगर कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सपा नेताओं ने यमुना की स्थिति, जलभराव, यातायात जाम, सीवर, जलनिकासी और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
सपा नेताओं ने कहा कि मथुरा-वृंदावन धार्मिक आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं अब भी कई चुनौतियों से जूझ रही हैं। नेताओं का आरोप था कि जगह-जगह जलभराव, यातायात का दबाव, जाम, सीवर और जलनिकासी की समस्याओं के साथ यमुना की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।
यमुना की दुर्दशा को लेकर सपा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यमुना शुद्धिकरण को लेकर लगातार घोषणाएं और दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन इसका अपेक्षित असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि यमुना की सफाई के लिए किए गए प्रयास प्रभावी हैं तो धार्मिक नगरी की पहचान से जुड़ी यमुना की स्थिति में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के दावों का असर लोगों को धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
जलभराव की समस्या को लेकर भी सपा ने सरकार को घेरा। नेताओं ने कहा कि बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है और यह मथुरा की पुरानी समस्या बन चुकी है। उनका कहना था कि हर वर्ष समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी जलनिकासी व्यवस्था का समाधान दिखाई नहीं देता। सपा ने कहा कि मथुरा जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में बेहतर जलनिकासी, साफ-सफाई और सुचारु यातायात व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता में मथुरा-वृंदावन की यातायात व्यवस्था और स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही पर्यटन और धार्मिक अर्थव्यवस्था के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाने चाहिए। पार्टी ने कहा कि मथुरा को केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।
प्रेसवार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश और मथुरा में कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। सपा नेताओं ने कहा कि जनता के सामने अब काम और दावों की तुलना करने का अवसर है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि यमुना की सफाई, जलभराव से स्थायी निजात, यातायात व्यवस्था में सुधार और स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर कब उपलब्ध होंगे।
सपा नेताओं ने कहा कि मथुरा को केवल प्रचार, पोस्टर और भाषण नहीं, बल्कि बेहतर सड़क, स्वच्छता, प्रभावी जलनिकासी, रोजगार और स्वच्छ यमुना की जरूरत है। पार्टी ने कहा कि स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और पीडीए, किसान, नौजवान, व्यापारी, मजदूर तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि मथुरा की जनता अब विकास के हर दावे को जमीन पर परखेगी और सरकार से अपने सवालों का जवाब मांगेगी। पार्टी नेताओं के मुताबिक मथुरा की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस और स्थायी कार्यों से होगा।
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