वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दावा- चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, किसान और परिवार सुरक्षित
वाशिंगटन। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत ने दुनिया में चल रहे संकटों के बावजूद अपनी घरेलू जरूरतों और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखते हुए सरकार ने ऐसी नीतियां अपनाईं, जिससे भारतीय किसान, घरेलू परिवार और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था सुरक्षित रह सके।
शिकागो में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जहां कई देशों की आर्थिक वृद्धि के अनुमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावित हुए, वहीं भारत ने मुश्किल वैश्विक माहौल के बावजूद अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने भारत की 7 प्रतिशत से अधिक जीडीपी वृद्धि, वित्तीय अनुशासन और घरेलू जरूरतों पर केंद्रित नीतियों को अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया।
सीतारमण ने कहा कि सरकार आर्थिक प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन के जरिए देश की क्रेडिट रेटिंग में सुधार की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों में कटौती करके वित्तीय स्थिति सुधारने की कोशिश नहीं की जा रही है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता के साथ कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखना है।
वित्त मंत्री ने वैश्विक आर्थिक बदलावों को लगातार समझने और उनके संभावित प्रभावों के आधार पर नीतियां तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू आवश्यकताओं को केंद्र में रखने की रणनीति ने भारत को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक झटकों के बीच भी स्थिर बनाए रखने में मदद की है।
‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए सीतारमण ने कहा कि अगले वर्षों में सुधारों की गति और उनका दायरा और बढ़ाना होगा। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत के विकास में योगदान देने की अपील करते हुए तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मांगा—वैश्विक अनुभव रखने वाली प्रतिभा, नए विचार और पूंजी निवेश।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में प्रवासी भारतीय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और उनके अनुभव, नवाचार तथा निवेश से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश को और गति मिल सकती है।
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