मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे को अमृता फडणवीस ने बताया भाई, घर पर खाने का दिया न्योता; बोलीं- त्योहार सबको साथ लेकर चलने वाले
नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल को अपना भाई बताते हुए उन्हें घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब जरांगे पाटिल मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमृता फडणवीस से मनोज जरांगे पाटिल और उनके आंदोलन को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि जरांगे पाटिल उनके भाई हैं और वह उन्हें अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करती हैं।
मनोज जरांगे पाटिल जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट में दर्ज रिकॉर्ड को लागू करना और पात्र मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति के प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक समुदाय के हिस्से से लेकर दूसरे समुदाय को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बातचीत के रास्ते कभी बंद नहीं किए हैं और चर्चा के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया जारी है।
त्योहारों में सभी की भागीदारी का समर्थन
अमृता फडणवीस ने नवरात्रि और गरबा को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं और किसी मुस्लिम व्यक्ति के किसी समारोह में शामिल होने में कुछ भी गलत नहीं है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने नवरात्रि कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की विश्व हिंदू परिषद की मांग का समर्थन किया है। ऐसे में अमृता फडणवीस के बयान को इस मुद्दे पर अलग रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
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