कर्नाटक: पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े 21 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, विदेशी कंपनियों में निवेश की जांच
बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े 21 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई 9 और 10 सितंबर को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता समेत कई स्थानों पर की। जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत कथित रूप से घोषित नहीं किए गए विदेशी निवेश, सीमा-पार कारोबारी संबंधों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों पर केंद्रित है।
ईडी की तलाशी में चिक्कोडी की सांसद और सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली, उनके बेटे राहुल जारकीहोली और बहनोई वाईडी मंजूनाथ से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया। इसके अलावा मंत्री के करीबी सहयोगियों, ओएसडी और निजी सहायक मालागौडा पाटिल, राजू दरगशेट्टी, विट्ठल परसनवर तथा डॉ. गिरीश सोनवलकर से जुड़े ठिकानों पर भी जांच की गई।
जांच के दायरे में निजी कंपनी भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों के कार्यालय और आवास भी आए। आरोप है कि कंपनी ने लोक निर्माण विभाग से ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत दी और इस धन का इस्तेमाल विदेशी संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया। ईडी तलाशी के जरिए इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जारकीहोली परिवार के कुछ सदस्यों और रिश्तेदारों के विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी रखने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें प्रियंका जारकीहोली, राहुल जारकीहोली और महादेवी मंजूनाथ का नाम बताया गया है। संबंधित विदेशी कंपनियों में कांगो की एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज और जाम्बिया की नवा ऑरम माइनिंग लिमिटेड समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।
ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य कथित विदेशी निवेश और सीमा-पार वित्तीय लेनदेन की वास्तविक प्रकृति का पता लगाना है। तलाशी के दौरान सामने आए दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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