सुप्रीम कोर्ट: गृहणियां अब राष्ट्र निर्माता, मासिक मूल्य 30,000 तय

Friday, June 12, 2026 - 12:36
Updated: 2 months ago
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सुप्रीम कोर्ट: गृहणियां अब राष्ट्र निर्माता, मासिक मूल्य 30,000 तय

नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट ने गृहणियों के संबंध में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें उन्हें केवल होममेकर नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माता (नेशन बिल्डर) बताया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि घर और परिवार की देखभाल में उनके योगदान का महत्वपूर्ण आर्थिक मूल्य है, जिसे अनदेखा नहीं कर सकते है। इस योगदान को मान्यता देकर सर्वोच्च न्यायालय ने गृहणियों की मासिक आय 30,000 निर्धारित की है। जस्टिस संजय करोल और कोटिस्वर सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा, घरेलू महिलाएं घर में योगदान देती हैं। वे राष्ट्र निर्माता हैं। वे राष्ट्र का निर्माण करती हैं। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने होममेकर शब्द को अब नेशन बिल्डर की पहचान भी मिलने की उम्मीद जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मुआवजे की गणना करते समय घरेलू देखभाल सेवाओं के नुकसान को एक अलग मद के रूप में शामिल किया जाए, और इसके लिए गृहणी की काल्पनिक मासिक आय 30,000 रुपये तय की गई। यह फैसला गृहणियों के अमूल्य श्रम को कानूनी और आर्थिक मान्यता प्रदान करता है।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कि देश के सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश इस विषय की निगरानी करने , ताकि गृहणियों के योगदान को उचित और न्यायसंगत कानूनी मान्यता मिल सके। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गृहिणियों का घरेलू श्रम और परिवार की देखभाल में दिया गया समय समाज और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इस अब मुआवजे के निर्धारण में स्पष्ट रूप से मान्यता दी जाएगी।

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