भगवान चित्रगुप्त जी और चित्रगुप्त अखाड़ा के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर देशभर में विरोध, अखाड़ा परिषद ने की कठोर कार्रवाई की मांग
(राजेश श्रीवास्तव)
भोपाल (आरएनआई) भगवान श्री चित्रगुप्त जी एवं श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित रूप से प्रसारित की जा रही आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस मामले में श्री चित्रगुप्त अखाड़ा की ओर से जिलाधीश भोपाल को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है, वहीं देशभर में भगवान चित्रगुप्त अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि संत महासभा की साधारण सभा में 12 जनवरी 2025 को पारित प्रस्ताव के अनुसार श्री चित्रगुप्त अखाड़ा की स्थापना की गई थी। इसके बाद 02 जनवरी 2026 को प्राप्त त्यागपत्रों के आधार पर पूर्व दुर्गाचार्य साध्वी कंचन भगवानी (उर्फ कंचन सिन्हा) सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के पद, उपाधियां एवं विभूषण निरस्त कर उन्हें अखाड़े से पृथक कर दिया गया था।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद **कंचन सिन्हा**, निवासी **733, थर्ड फ्लोर, सेक्टर-5, वैशाली (उत्तर प्रदेश)** द्वारा सोशल मीडिया मंचों पर भगवान श्री चित्रगुप्त जी एवं श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के संबंध में कथित रूप से भ्रामक, अपमानजनक एवं असत्य सामग्री प्रसारित की जा रही है। ज्ञापन में उनके फेसबुक प्रोफाइल https://www.facebook.com/kanchan.sinha.125 तथा व्हाट्सएप नंबर 9354167690 का भी उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है।
अखाड़ा पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से कायस्थ समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, भगवान श्री चित्रगुप्त जी के प्रति श्रद्धा और आस्था को ठेस पहुंच रही है तथा श्री चित्रगुप्त अखाड़ा की प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही समाज में भ्रम, वैमनस्य और असंतोष की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव एवं राष्ट्रीय नियुक्ति प्रभारी वेद आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी एवं श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के विरुद्ध सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
भगवान चित्रगुप्त अखाड़ा परिषद उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता **राजेश श्रीवास्तव "बच्चा भईया"** ने इस पूरे मामले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि साध्वी के भेष में रहते हुए भगवान चित्रगुप्त जी एवं अखाड़ा परिषद के बारे में अपशब्द कहना पूरी तरह अनुचित और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी किसी एक वर्ग या समाज के नहीं, बल्कि सभी वर्गों और समुदायों की आस्था के केंद्र हैं और सदैव रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में भगवान चित्रगुप्त अखाड़ा परिषद की राष्ट्रीय सचिव **श्रीमती अनीता श्रीवास्तव (भाजपा नेत्री, रायबरेली)**, प्रदेश महामंत्री **डॉ. संदीप श्रीवास्तव (गोरखपुर)**, प्रदेश महामंत्री संगठन **गिरिजेश श्रीवास्तव (जौनपुर)**, प्रदेश उपाध्यक्ष **दयाल सरन श्रीवास्तव (जौनपुर)**, प्रदेश उपाध्यक्ष **विनय श्रीवास्तव एडवोकेट (जौनपुर)**, प्रदेश उपाध्यक्ष **मनोज कुमार श्रीवास्तव एडवोकेट (जौनपुर)**, प्रदेश मीडिया प्रभारी **वागीश चन्द्र श्रीवास्तव (वरिष्ठ पत्रकार, गोरखपुर)**, प्रदेश प्रवक्ता **विश्व प्रकाश श्रीवास्तव "दीपक" (वरिष्ठ पत्रकार, जौनपुर)**, प्रदेश संगठन मंत्री **डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव (गोरखपुर)**, प्रदेश सचिव **अवनीश कुमार यादव (भाजपा नेता, शाहगंज)**, जिला अध्यक्ष गोरखपुर **अभय कुमार श्रीवास्तव** तथा जिला महासचिव गोरखपुर **अरुण श्रीवास्तव** ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त जी की गरिमा, धार्मिक आस्था और समाज के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और डिजिटल सामग्री की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि समाज में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनी रहे।
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