पश्चिम एशिया संकट के 10 दिन: हमलों से मची तबाही, कैसे बढ़ता गया युद्ध; किस दिन क्या हुआ
नई दिल्ली (आरएनआई)। Iran, Israel और United States के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ पश्चिम एशिया का युद्ध अब पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुका है। कुछ ही दिनों में यह संघर्ष लेबनान और खाड़ी देशों तक फैल गया, जबकि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है। बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और प्राकृतिक गैस आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को तब हुई जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों और रणनीतिक संस्थानों पर संयुक्त हमला किया। तेहरान, इस्फहान और केरमानशाह जैसे शहरों को निशाना बनाया गया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत सबसे बड़ा घटनाक्रम रही। बताया गया कि इस्राइल की ब्लू स्पैरो मिसाइल उनके सुरक्षित परिसर पर गिरी, जिसमें 86 वर्षीय नेता के साथ कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए। इसके तुरंत बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
युद्ध के दूसरे दिन ईरान ने इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की कई लहरें दागीं। कुछ मिसाइलें इस्राइल के बुनियादी ढांचे पर गिरीं, हालांकि कई को इस्राइली एयर डिफेंस सिस्टम ने बीच में ही रोक लिया। इसी दौरान अमेरिका ने भी ईरान के मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम और रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए।
तीसरे दिन संघर्ष का दायरा और बढ़ गया जब लेबनान के संगठन Hezbollah ने दक्षिण लेबनान से उत्तरी इस्राइल की ओर कई रॉकेट दागे। इसके जवाब में इस्राइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों और लेबनान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई।
चौथे दिन युद्ध का असर खाड़ी देशों तक पहुंच गया। Kuwait, Bahrain, Qatar और United Arab Emirates के ऊपर कई मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए। इसी दौरान Strait of Hormuz में जहाजों पर खतरा बढ़ गया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और गहरा गई।
पांचवें दिन समुद्र और खाड़ी क्षेत्र में बड़ा सैन्य टकराव सामने आया। श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसमें 87 लोगों की मौत हो गई। इसी दौरान Dubai, Bahrain और Saudi Arabia में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आईं। सऊदी अरब में एक तेल रिफाइनरी में आग लगने से क्षेत्र में और तनाव बढ़ गया।
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह युद्ध और भी बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।
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