पश्चिम एशिया तनाव के बीच नाटो की एंट्री, इराक में अस्थायी सैनिक तैनाती शुरू
बगदाद (आरएनआई)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब नाटो की सक्रियता भी बढ़ती नजर आ रही है। नाटो ने इराक में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए अपने सैनिकों की अस्थायी तैनाती का फैसला किया है। हालांकि यह तैनाती पूरी तरह गैर-युद्धक होगी और इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा और सहयोग बढ़ाना है।
इराकी न्यूज एजेंसी के अनुसार, सुरक्षा चिंताओं के चलते नाटो मिशन ने अपने कुछ कर्मियों की अस्थायी वापसी भी शुरू कर दी है। इस कदम को एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच मिशन से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होते ही नाटो के कर्मी वापस अपनी जिम्मेदारियों पर लौट आएंगे।
गौरतलब है कि इराक में नाटो मिशन एक गैर-लड़ाकू सलाहकार मिशन है, जिसकी शुरुआत 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर की गई थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य इराक की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और वहां के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देना है। नाटो कर्मी सीधे युद्ध अभियानों में शामिल नहीं होते, बल्कि सलाहकार और प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हैं।
यूरोप में नाटो बलों के कमांडर और अमेरिकी वायु सेना के जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने इस तैनाती का स्वागत करते हुए नाटो मिशन और इराक के सुरक्षा बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मिशन से जुड़े कर्मी पूरी पेशेवरता के साथ अपने दायित्व निभा रहे हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हालात को देखते हुए नाटो की यह पहल क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)