'टॉपर को 10 और फेल होने वालों को प्रैक्टिल में आए 20 नंबर', गुना कलेक्टर के सामने फफक पड़ी छात्रा, प्रिंसिपल पर रिश्वत मांगने का आरोप

Tuesday, April 21, 2026 - 23:44
Updated: 4 months ago
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'टॉपर को 10 और फेल होने वालों को प्रैक्टिल में आए 20 नंबर', गुना कलेक्टर के सामने फफक पड़ी छात्रा, प्रिंसिपल पर रिश्वत मांगने का आरोप

गुना (आरएनआई) गुना कलेक्टर की जनसुनवाई में छात्रा की व्यथा सुनकर सभी लोग हैरान रह गए। उसका कहना था कि 12वीं वह स्कूल की टॉपर है और प्रैक्टिल में उसे 10 नंबर दिए गए हैं। वहीं, फेल छात्रों को 20 नंबर आए हैं। उसने प्रिंसिपल पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

जिला कलेक्टोरेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक मेधावी छात्रा की व्यथा सुनकर हर कोई दंग रह गया। चांचौड़ा तहसील के बरखेड़ा खुर्द स्थित शासकीय विद्यालय की छात्रा महक शर्मा ने विद्यालय की प्राचार्य उषा कुशवाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। छात्रा का आरोप है कि प्राचार्य ने द्वेषपूर्ण भावना और रिश्वत की मांग पूरी न होने के चलते उसके प्रोजेक्ट में जानबूझकर सबसे कम अंक दिए हैं।

टॉपर को मिले 10 नंबर, फेल छात्रों को 20

पीड़ित छात्रा महक शर्मा पिता मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 69.2 फीसदी अंकों के साथ विद्यालय टॉप किया है। वर्ष 2023-24 में वह 10वीं में भी पूरे गांव में अव्वल रही थी। छात्रा का आरोप है कि वार्षिक परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक लाने के बावजूद विद्यालय के कुल 25 छात्र-छात्राओं में से सबसे कम प्रोजेक्ट नंबर 10-11 अंक उसे दिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि जो छात्र विषयों में फेल हो गए हैं, उन्हें प्राचार्य ने 19 से 20 अंक तक दिए हैं। अब गुना कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी बात रखी है।

रिश्वत मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप

छात्रा ने आवेदन में खुलासा किया कि प्राचार्य उषा कुशवाह उसे साल भर से परेशान कर रही थीं। परीक्षा से 15 दिन पहले प्राचार्य ने पांच विषयों के बदले 5000 रुपए की मांग की थी और धमकी दी थी कि पैसे नहीं दिए तो प्रोजेक्ट में नंबर काट दूंगी या प्राइवेट कर दूंगी। छात्रा ने जब यह बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने इसे मजाक समझकर टाल दिया। अब रिजल्ट आने पर छात्रा के साथ हुआ यह भेदभाव सच साबित हुआ हैं।

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मानसिक तनाव में है छात्रा

रिजल्ट आने के बाद से छात्रा गहरे मानसिक तनाव में है। उसने भावुक होकर कहा कि उसे न नींद आ रही है और न ही वह खाना खा पा रही है। छात्रा ने पत्र में लिखा कि अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रिंसिपल उषा कुशवाह की होगी। छात्रा ने मांग की है कि किसी अन्य अधिकारी से उसके प्रोजेक्ट की रीटोटलिंग कराई जाए और विद्यालय के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच हो ताकि उसे उचित न्याय मिल सके।

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मेरी जानकारी में अभी मामला आया है। 70 प्रतिशत लाने वाली छात्रा को नंबर अच्छे मिलना चाहिए थे। मैं इसकी जांच कराता हूं।

राजेश गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी गुना

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मेरे संज्ञान में एक मामला आया है। जिसमें एक बच्ची के थ्योरी में अंक अच्छे हैं लेकिन प्रैक्टिकल में कम हैं। इसको लेकर डीईओ को बोला है कि उसकी रिटोटलिंग सहित अन्य प्रक्रिया पूरी की जाए और मामले की जांच कर रिपोर्ट दें।

किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना

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गौरतलब है कि छात्रा रिजल्ट देखकर हैरान है। उसके क्लास में 25 छात्र थे। वहीं, अब कलेक्टर ने भरोसा दिया है कि हम रिटोटलिंग करवा देंगे। कलेक्टर से आश्वासन मिलने के बाद छात्रा वापस लौट गई है।

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