गंगा दशहरा पर श्रद्धा का सैलाब, मां गंगा के जयकारों से गूंजे घाट
हरिद्वार/प्रयागराज/वाराणसी। (आरएनआई) ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के पावन अवसर पर बुधवार को देशभर में गंगा दशहरा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस अवसर पर गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और लाखों भक्तों ने पवित्र गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मां गंगा का पूजन किया तथा सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिरों और घाटों पर विशेष आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर इस पर्व का महत्व बढ़ाया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पापों के नाश और पुण्य की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ मां गंगा की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
प्रशासन द्वारा प्रमुख घाटों पर सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, चिकित्सा दल और सफाई कर्मियों की तैनाती की गई। दिनभर घाटों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा तथा शाम को भव्य गंगा आरती ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
गंगा दशहरा का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मां गंगा के संरक्षण, स्वच्छता और जल संवर्धन का संदेश भी देता है। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से देश और समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
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