ऊर्जा संकट के बीच भारत को राहत: अमेरिकी एलपीजी जहाज मंगलूरू पोर्ट पहुंचा
बंगलूरू (आरएनआई)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत को ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। अमेरिका से एलपीजी लेकर आया जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ रविवार को न्यू मंगलूरू पोर्ट पहुंचा, जिससे घरेलू गैस भंडार और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफ नेदरलैंड से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) है। इस गैस को Aegis Logistics के टर्मिनल पर उतारा जाएगा, जिससे देश में एलपीजी आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यह आपूर्ति ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर दबाव बना हुआ है। खास बात यह है कि इससे एक दिन पहले ही रूस का ‘एक्वा टाइटन’ नामक जहाज भी भारत पहुंचा था, जो मूल रूप से चीन जा रहा था लेकिन हालात के चलते उसका रुख भारत की ओर कर दिया गया। इस जहाज में 7.7 लाख बैरल कच्चा तेल था, जिसे ऑफशोर पाइपलाइन के जरिए Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited तक पहुंचाया जा रहा है।
मंगलूरू पोर्ट भारत के ऊर्जा ढांचे में अहम भूमिका निभाता है। यहां देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जो समुद्र तल से करीब 225 मीटर नीचे स्थित है और जिसकी क्षमता 80,000 मीट्रिक टन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और रूस जैसे देशों से लगातार आपूर्ति मिलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और घरेलू एलपीजी स्टॉक को बनाए रखना आसान होगा। मौजूदा वैश्विक संकट के बीच यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों पर तेजी से काम कर रहा है।
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