नगरीय विकास के लिए कर वसूली और जनसहयोग जरूरी: कलेक्टर कन्याल, विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
गुना। नगरीय क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विवाद रहित भूमि, बेहतर कार्य करने वाली टीम और संविदाकारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना आवश्यक है। विकास के लिए आदर्श परिस्थितियों का इंतजार करने के बजाय बेहतर परिस्थितियां स्वयं तैयार करनी होंगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का सकारात्मक सहयोग बेहद जरूरी है। यह बात कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने नगरीय प्रशासन की समीक्षा बैठक में कही।
कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के विकास कार्यों की प्रगति, टेंडर प्रक्रिया, कर वसूली, नामांतरण, नगरपालिका के वाहनों की स्थिति और शहर के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कर वसूली में पार्षदों से सहयोग की अपील
कलेक्टर कन्याल ने पार्षदों से संपत्ति कर, जल कर और स्वच्छता कर की वसूली में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर वसूली से नगरीय निकाय के आर्थिक संसाधन मजबूत होते हैं और इन्हीं संसाधनों से शहर में विकास कार्य तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाता है।
टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित टेंडरों की स्थिति की समीक्षा की गई। कुछ टेंडर निरस्त होने और उनके स्थान पर नए टेंडर जारी किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी। कलेक्टर ने टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण पर जोर

सीएमओ शैलेश अवस्थी ने बताया कि नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। करीब 200 नामांतरण जारी किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 300 प्रकरणों का परीक्षण पूरा हो चुका है। आने वाले समय में करीब 300 और नामांतरण जारी किए जाने की जानकारी दी गई। जिन प्रकरणों में आवश्यक जानकारी या दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनमें नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। नए प्राप्त होने वाले प्रकरणों की जांच कर उन्हें लंबित न रखने का प्रयास किया जाएगा।
बिना अनुमति निर्माण पर निगरानी की व्यवस्था
बैठक में पार्षदों ने सुझाव दिया कि वार्डों में होने वाले नए मकानों और निर्माण कार्यों की जानकारी पार्षदों के माध्यम से नगरपालिका तक पहुंचाई जाए। इससे भवन निर्माण की अनुमति की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के साथ-साथ बिना अनुमति होने वाले निर्माण पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। कलेक्टर ने इस व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रस्तावों पर चर्चा
शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर रोड डेवलपमेंट, सड़क सौंदर्यीकरण और विभिन्न स्थानों पर वेलकम गेट बनाने सहित कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में इन प्रस्तावों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया और जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से आवश्यक सुझाव लिए गए।
नगरपालिका वाहनों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में नगरपालिका के वाहनों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ वाहनों की मरम्मत और आवश्यक सुधार का काम पूरा किया जा चुका है, जबकि बाकी वाहनों को भी जल्द व्यवस्थित करने की प्रक्रिया जारी है।
‘आदर्श स्थिति का इंतजार नहीं, उसे बनाना पड़ता है’
बैठक के समापन पर कलेक्टर कन्याल ने कहा कि आदर्श परिस्थितियां अपने आप नहीं मिलतीं, उन्हें मिलकर तैयार करना पड़ता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए नगरीय क्षेत्र के विकास को गति देने की अपेक्षा की।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता गुप्ता, उपाध्यक्ष धर्म सोनी, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार सहित अन्य पार्षद, अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, सीएमओ शैलेश अवस्थी तथा नगरीय निकाय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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