नेपाल में बाढ़ से तबाही: मृतकों का आंकड़ा 1,252 पहुंचा, 4,875 लोग अब भी लापता; ठाणे के 10 कैलाश मानसरोवर यात्री भी गायब
काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों से शव बरामद होने का सिलसिला जारी है और मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है। वहीं, नेपाल पुलिस के अनुसार करीब 4,875 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल हादसे के नौवें दिन भी प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं।
नेपाल पुलिस की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 355 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 218, नवलपरासी वेस्ट से 208, नुवाकोट से 177, रसुवा से 127, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनाहुन से 38 शव बरामद किए गए हैं। नवलपरासी वेस्ट के आंकड़ों में भारत से बरामद कर नेपाल को सौंपे गए 18 शव भी शामिल हैं।
भारत तक पहुंचे बाढ़ में बहकर आए शव
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री के अनुसार, रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 लोगों के शव भारत में बरामद किए गए हैं। बताया गया कि ये शव भोटेकोशी से त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे। भारत के रुपन्देही और नवलपरासी पश्चिम जिलों के आसपास शवों को बरामद किया गया, जिन्हें नेपाल के अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, बाढ़ के दौरान तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, तीर्थयात्रा और कारोबार के सिलसिले में तिब्बत गए करीब 3,000 नेपाली नागरिक बाढ़ के कारण वहां फंस गए थे।
इनमें से 2,500 से अधिक नेपाली नागरिकों की सुरक्षित वापसी हो चुकी है। अधिकांश लोग हिल्सा और तातोपानी सीमा चौकियों के जरिए नेपाल लौटे, जबकि कुछ लोगों को हवाई मार्ग से भी वापस लाया गया।
केरुंग सीमा क्षेत्र में अब भी करीब 1,500 नेपाली फंसे
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत के केरुंग सीमा क्षेत्र में अभी भी करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित नेपाल वापस लाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क और बातचीत कर रहे हैं।
ठाणे के 10 कैलाश मानसरोवर यात्री भी लापता बताए गए
नेपाल में आई इस आपदा के बीच ठाणे के 10 कैलाश मानसरोवर यात्रियों के भी अब तक लापता होने की जानकारी सामने आई है। उनके परिजनों में चिंता का माहौल है और उनकी तलाश को लेकर प्रयास जारी हैं।
बाढ़ से प्रभावित नेपाल के कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। आपदा का असर केवल जनहानि तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोग मानसिक और सामाजिक परेशानी से भी गुजर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर इस त्रासदी का गहरा असर पड़ा है। राहत और बचाव अभियान जारी रहने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से चुनौती लगातार बनी हुई है।
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