आनंदबाज़ार पत्रिका कार्यालय पर भगवा रंग पोतने के मामले में सियासी घमासान, ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल में BJP से जुड़े लोगों के नाम सामने आने का दावा
कोलकाता। आनंदबाज़ार पत्रिका (ABP) के कोलकाता स्थित कार्यालय में 1 सितंबर को हुए प्रदर्शन और दीवारों पर भगवा रंग पोते जाने की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी के राज्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि इस घटना में BJP की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल भगवा कपड़े पहनने से किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान तय नहीं की जा सकती।
देबजीत सरकार के मुताबिक, उन्हें जानकारी नहीं है कि कार्यालय के बाहर कौन-कौन लोग पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की स्पष्ट पहचान सामने आती है तो पार्टी उस पर टिप्पणी कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP किसी भी स्थान पर हमले का समर्थन नहीं करती और पार्टी इस घटना में शामिल नहीं थी।
1 सितंबर को भगवा कपड़े पहने लोगों का एक समूह ABP कार्यालय के बाहर पहुंचा था। समूह ने नारेबाजी की और कार्यालय की दीवारों तथा परिसर के कुछ हिस्सों पर भगवा रंग पोता। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की उस मांग के कुछ दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय में 19 और 20 जुलाई को हुई हिंसा को लेकर अखबार में इस्तेमाल किए गए ‘गेरुआ गुंडागर्दी’ शब्द पर माफी मांगने की मांग की थी।
ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल के अनुसार, घटना के वीडियो फुटेज की समीक्षा में समूह का नेतृत्व करते दिखाई दे रहे तीन लोगों के BJP से कथित संबंध सामने आए। रिपोर्ट में प्रमोद दुबे को भीड़ को संबोधित करते हुए दिखाया गया है और उन्हें BJP कार्यकर्ता बताया गया है।
ऑल्ट न्यूज़ के मुताबिक, दूसरे व्यक्ति सूरज वर्मा को ABP कार्यालय के मुख्य द्वार के बाईं ओर स्थित एक खंभे पर भगवा रंग करते हुए देखा गया। रिपोर्ट में उन्हें भी BJP कार्यकर्ता बताया गया है। वहीं तीसरे व्यक्ति रवि गुप्ता की पहचान भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) उत्तर हावड़ा-1 मंडल के अध्यक्ष के रूप में की गई है।
ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये तीनों लोग घटना के दौरान मौके पर मौजूद समूह का हिस्सा थे। हालांकि, BJP ने आधिकारिक तौर पर इस घटना में पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है और कहा है कि किसी व्यक्ति का भगवा कपड़े पहनना अपने आप में उसकी राजनीतिक पहचान का प्रमाण नहीं है।
यह खबर ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट और उसके द्वारा किए गए वीडियो फुटेज के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। RNI News द्वारा प्रस्तुत जानकारी में संबंधित दावों को ऑल्ट न्यूज़ के हवाले से रखा गया है।
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