सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर ओवैसी का योगी सरकार पर हमला, बोले- कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी
जयपुर। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को कानूनी प्रक्रिया और अपील का अवसर दिया जाना चाहिए था।
ओवैसी ने दावा किया कि जिस मस्जिद को गिराया गया, वह कलेक्टर कार्यालय के निर्माण से पहले से वहां मौजूद थी और वक्फ बोर्ड में पंजीकृत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई इतनी जल्दबाजी में की गई कि संबंधित पक्ष को ऊपरी अदालत का रुख करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि किसी संपत्ति या धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई करते समय कानून के तहत उपलब्ध प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक ही स्थान पर अलग-अलग धार्मिक स्थल मौजूद हैं तो कार्रवाई में समान मानदंड क्यों नहीं अपनाए जाते। उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवैधानिक अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग की।
वक्फ संशोधन कानून को लेकर भी ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कानून को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में संविधान के तहत मिले अधिकारों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की बात कही और भाजपा तथा आरएसएस पर इन अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
समान नागरिक संहिता पर भी ओवैसी ने भाजपा सरकार को घेरा। उत्तराखंड में लागू यूसीसी का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए अलग-अलग समुदायों की वैवाहिक और पारिवारिक व्यवस्थाओं को एक कानून के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे मुस्लिम समुदाय के विवाह, तलाक और संपत्ति से जुड़े अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
असीम वकार के आरोपों पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। हाल ही में एआईएमआईएम छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए वकार के पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ बताए जाने वाले आरोप पर ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें करीब 10 साल बाद यह बात याद आई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी बनी रहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी के नेता वकार का ख्याल रखेंगे।
ओवैसी ने इस दौरान राजस्थान में एआईएमआईएम के संगठनात्मक विस्तार पर भी जोर दिया और पार्टी को राज्य में मजबूत करने की बात कही। सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई और धार्मिक स्थलों से जुड़े कानूनी अधिकारों पर राजनीतिक बहस फिर तेज होने के आसार हैं।
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