राम वन गमन मार्ग के निर्माण पर सवाल, बारिश के बाद श्रृंगवेरपुर में सड़क और पुल का हिस्सा धंसा
प्रयागराज। अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम वन गमन मार्ग परियोजना के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर क्षेत्र में राम वन गमन मार्ग (एनएच-731ए) के तहत बने पुल और सड़क के एक हिस्से के बारिश के बाद धंसने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही रिटेनिंग वॉल और पैनल के झुकने की बात भी कही जा रही है, जिसके कारण संबंधित हिस्से में आवागमन प्रभावित हुआ है।
राम वन गमन मार्ग को अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में निर्माण पूरा होने और उद्घाटन से पहले ही सड़क के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने निर्माण में कथित अनियमितताओं और सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी आशंका व्यक्त की है। हालांकि, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या किसी तरह की अनियमितता की पुष्टि अभी जांच के बिना नहीं की जा सकती।
विशेषज्ञ जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क और पुल के हिस्से के धंसने की वजह अत्यधिक बारिश, जल निकासी की समस्या, मिट्टी के दबाव, निर्माण तकनीक या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुई। ऐसे में संबंधित विभाग के लिए तकनीकी जांच कराकर वास्तविक कारण सामने लाना महत्वपूर्ण होगा।
श्रृंगवेरपुर धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी इस परियोजना को खास बनाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े प्रसंगों से संबंधित माना जाता है। इसलिए यहां विकसित हो रहा मार्ग केवल परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहत की बात यह है कि घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, भारी यातायात के दौरान इस तरह की संरचनात्मक समस्या गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। इसी वजह से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ मूल कारण की जांच और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
इतनी बड़ी परियोजना में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन, तकनीकी मानकों और निर्माण कार्य की निगरानी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बारिश के बाद सामने आई इस समस्या की वास्तविक वजह क्या है और क्या केवल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जाएगी या पूरे मामले की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। राम वन गमन मार्ग जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में पारदर्शी जांच और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि इससे जुड़े सार्वजनिक धन और यात्रियों की सुरक्षा दोनों का सवाल है।
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