3000 करोड़ का छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, राजीव भवन तक कैश पहुंचाने के आरोपों पर पूर्व कोषाध्यक्ष से पूछताछ
छत्तीसगढ़ के कथित 3000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी अब उनसे कथित अवैध कमाई और उसके इस्तेमाल से जुड़े सवालों पर पूछताछ कर रही है।
ईडी के मुताबिक, शराब कारोबार में कथित सिंडिकेट के जरिए करीब 3000 करोड़ रुपये की अपराध से प्राप्त आय जुटाई गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का एक हिस्सा नकद के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया था।
राजीव भवन तक कैश पहुंचाने का आरोप
ईडी का दावा है कि कैश को संभालने और उसे इधर-उधर पहुंचाने वाले लोगों के बयानों से सामने आया कि रामगोपाल अग्रवाल के कहने पर कथित तौर पर यह रकम रायपुर स्थित राजीव भवन पहुंचाई गई थी। उस समय राजीव भवन में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यालय था।
तीन साल से फरार थे अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल से फरार चल रहे थे। पिछले महीने उन्होंने रायपुर में आर्थिक अपराध शाखा के कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें जेल भेजा गया और 11 अगस्त को ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेजा है।
ईडी ने चार समन भेजे थे
जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के लिए रामगोपाल अग्रवाल को चार समन भेजे गए थे, लेकिन वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए। बाद में दर्ज किए गए उनके बयान में भी एजेंसी ने ज्यादातर जवाबों को टालमटोल वाला बताया।
घोटाले में सिंडिकेट पर गंभीर आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े कथित सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में अवैध कमीशन वसूली और बिना हिसाब-किताब वाली शराब की बिक्री के जरिए बड़ी रकम जुटाई। एजेंसी का आरोप है कि डिस्टिलर्स, विदेशी शराब कंपनियों और एफएल-10ए लाइसेंस से जुड़े कमीशन के जरिए करीब 3000 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई हुई।
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