17 मार्च तक सजेगी हरदोई की ऐतिहासिक रामलीला प्रदर्शनी, रामकथा से कवि सम्मेलन-मुशायरे तक होगा सांस्कृतिक संगम

Saturday, February 28, 2026 - 17:50
Updated: 6 months ago
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17 मार्च तक सजेगी हरदोई की ऐतिहासिक रामलीला प्रदर्शनी, रामकथा से कवि सम्मेलन-मुशायरे तक होगा सांस्कृतिक संगम

हरदोई (आरएनआई)। हरदोई की ऐतिहासिक रामलीला प्रदर्शनी का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को गणेश पूजन के साथ नुमाइश चौराहे के निकट स्थित विशाल मैदान में हुआ। सौ वर्ष से अधिक पुरानी यह परंपरा 17 मार्च तक चलेगी और जनपद की सांस्कृतिक विरासत, कौमी एकता व सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक बनी हुई है। श्री रामलीला मेला एवं प्रदर्शनी कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में प्रतिदिन सायंकाल भव्य रामलीला मंचन हो रहा है, जहां रामकथा के विविध प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

25 फरवरी को 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन मेले का प्रमुख आकर्षण रहा। आतिशबाजी और जयघोष के बीच हजारों दर्शकों ने इस आयोजन का आनंद लिया। उसी रात भरत मिलाप, राम राज्याभिषेक और राजगद्दी का मंचन भी हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

मेले में झूले, बच्चों के मनोरंजन के साधन, स्थानीय व बाहरी व्यापारियों के स्टॉल, बरेली का सुरमा, हैंडलूम वस्त्र, घरेलू सजावटी सामान तथा खानपान की विविध दुकानों ने लोकजीवन की रंगत बिखेर दी है। इससे न केवल सांस्कृतिक वातावरण सशक्त हुआ है, बल्कि नगर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है।

मार्च माह में 1 मार्च को प्रस्तावित विराट कवि सम्मेलन, 7 मार्च को अजीमुष्शान कुल हिंद मुशायरा और 9 मार्च को ग़ज़ल व भजन संध्या जैसे साहित्यिक एवं सांगीतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू हीरी बहादुर श्रीवास्तव की स्मृति में गीत गायन प्रतियोगिता, वार्षिक दंगल, सुंदरकांड पाठ तथा मां भगवती जागरण भी मेले के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

होली के उल्लास के बीच 17 मार्च को कन्या भोज और भंडारे के साथ इस वर्ष की रामलीला प्रदर्शनी का समापन होगा। समिति अध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला ने नगरवासियों से सपरिवार सहभागिता की अपील करते हुए इसे हरदोई की आत्मा का उत्सव बताया है, जहां आस्था, साहित्य, संगीत और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

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Laxmi Kant Pathak

Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)

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