राम मंदिर मामले में दोषी नहीं बचेंगे, जांच पूरी होने दें, फिर होगी कड़ी कार्रवाई: डॉ. संजय निषाद
जौनपुर (आरएनआई) निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शनिवार को जौनपुर पहुंचकर विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में कहा कि सरकार समयबद्ध और निष्पक्ष जांच करा रही है तथा बिना जांच के किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।
डॉ. निषाद ने कहा कि वह सरकार का धन्यवाद करते हैं कि मामले की तेजी से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जितना बड़ा दोष सिद्ध होगा, उतनी ही बड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस और जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय फैसला करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि समय आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति देश के करोड़ों श्रद्धालुओं, विशेषकर निषाद समाज की गहरी आस्था है।
राम मंदिर से जुड़े धन के ब्याज और वित्तीय लेनदेन के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता का पैसा धर्म, जनकल्याण और समाजहित में खर्च होना चाहिए। इसके लिए मजबूत व्यवस्था बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई का नाम ड्रग्स मामले में सामने आने के सवाल पर डॉ. निषाद ने कहा कि कांग्रेस के लोग हमेशा राम मंदिर और आस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी का नाम जांच में आता है तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी गलत राजनीति नहीं बल्कि रणनीति की राजनीति करती है।
उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर प्रकरण में किसी की अवैध संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ बुलडोजर सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे पर उन्होंने कहा कि अयोध्या आस्था का केंद्र है और भगवान राम तथा निषादराज का संबंध त्रेतायुग से रहा है। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी और पोस्टरबाजी करने के बजाय विपक्ष को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अपनी विचारधारा पर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले उस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए।
अखिलेश यादव द्वारा एसआईटी पर उठाए गए सवालों के संबंध में उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब भी एसआईटी का गठन होता था। किस एजेंसी से जांच करानी है, यह सरकार का अधिकार है। यदि जांच रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी होगी, तब उस पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग पर डॉ. निषाद ने कहा कि कुछ लोगों की कथित गलती के आधार पर पूरे ट्रस्ट की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कथित बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और जांच पूरी होने से पहले इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
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