ठेके पर क्यूआर कोड लगाना जरूरी, स्कैन करते ही खुल जाएगी शराब की रेट लिस्ट

Thursday, May 14, 2026 - 21:25
Updated: 3 months ago
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ठेके पर क्यूआर कोड लगाना जरूरी, स्कैन करते ही खुल जाएगी शराब की रेट लिस्ट

सरकार ने शराब की दुकानों में मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। आबकारी विभाग के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में शराब की दुकानें न केवल अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूल रही हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के कारण न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर भी शराब बेच रही हैं। 

इस गंभीर अनियमितता को विभागीय निर्देशों की घोर अवहेलना मानते हुए, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने अब प्रत्येक शराब की दुकान पर '#क्यूआर_कोड' लगाना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों की पुष्टि कर सकें।

अब हर शराब की दुकान पर #ई_एक्साइज_पोर्टल द्वारा जनरेट किया गया क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है। इसे स्कैन करने पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट यूजर के मोबाइल पर खुल जाएगी। अगर कोई दुकानदार निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा कीमत पर शराब बेचता है, तो मध्यप्रदेश गजट की धारा 21.2 और 21.3 के तहत उसके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्राहक मौके पर ही रेट की तुलना कर सकेंगे।

जिला अधिकारियों को विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख स्थानों पर लगाना अनिवार्य होगा। यदि कोई लाइसेंसधारी इन नियमों की अनदेखी करते हुए निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर शराब बेचता पाया जाता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।

शराब की दुकानों पर बिक्री मूल्यों के सत्यापन के लिए क्यूआर कोड लगाने संबंधी निर्देश :-

1️⃣ क्यूआर कोड को ए-3 साइज के स्टिकर पेपर पर प्रिंट किया जाना चाहिए।

2️⃣ कागज की न्यूनतम गुणवत्ता 250 जीएसएम होनी चाहिए?

3️⃣ स्टिकर में इस्तेमाल होने वाला गोंद पर्याप्त गुणवत्ता/मात्रा का होना चाहिए ताकि एक बार चिपकाने के बाद उसे हटाया न जा सके।

4️⃣ प्रत्येक शराब की दुकान के लिए 5 क्यूआर कोड प्रिंट किए जाने चाहिए:

       ( I ) 3 क्यूआर कोड शराब की दुकान में उन स्थानों पर लगाए जाने चाहिए जहां अधिकतम उपभोक्ता उन्हें आसानी से स्कैन कर सकें।

      ( II ) शेष 2 क्यूआर कोड को भविष्य की आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए, जिन्हें पहले से टैग किए गए क्यूआर कोड के क्रैक या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनः टैग किया जाना चाहिए।

5️⃣ विभाग द्वारा क्यूआर कोड मुद्रित किया जाना चाहिए और शराब की दुकानों पर चिपकाया जाना चाहिए, जिसका भुगतान स्टेशनरी के लिए निर्धारित कोष से किया जाना चाहिए।

6️⃣ संबंधित अधिकारी द्वारा शराब की दुकान के क्यूआर कोड को स्कैन करके यह जांच की जानी चाहिए कि शराब की बिक्री मूल्य (एमएसपी और एमआरपी) के बारे में जानकारी प्रदर्शित हो रही है या नहीं।

7️⃣ यदि क्यूआर कोड लगाया गया है, तो संबंधित सर्कल प्रभारी से क्यूआर कोड प्रदर्शित करने वाली शराब की दुकान की एक तस्वीर प्राप्त की जानी चाहिए। सभी दुकानों पर उक्त कार्रवाई पूरी होने के बाद पूर्णता प्रमाण पत्र इस कार्यालय को भेजा जाना चाहिए।

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