अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप और सीरिक बंदरगाह पर किए हवाई हमले, दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सीरिक बंदरगाह पर नए हवाई हमले किए हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, केशम द्वीप पर दो शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद आपातकालीन और सुरक्षा एजेंसियों को नुकसान का आकलन करने के लिए तैनात किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार आठवीं रात सैन्य अभियान चलाए जाने की पुष्टि की है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है।
अमेरिका की यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद हुई है। अमेरिकी सेना का दावा है कि दोनों सैनिक ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से रक्षा करते समय मारे गए, जबकि एक अन्य सैनिक अब भी लापता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, 28 फरवरी से जारी संघर्ष में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि सैनिकों ने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के प्रयास में सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने शहीद सैनिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अभियान को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन हमलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिकी नेतृत्व के वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहे तो ईरान और उसका 'प्रतिरोध मोर्चा' इसका कड़ा जवाब देगा।
ईरान के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी बमबारी जारी रहती है, तो ईरान पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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