भारत-जापान कारोबार को नई उड़ान देने की तैयारी, पीयूष गोयल बोले- बनें 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और जापान के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने भारत में मौजूद 1,580 जापानी कंपनियों से सुजुकी जैसी सफलता की मिसाल बनने की उम्मीद जताई। गोयल ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी सहयोग को अगले दशक में नई ऊंचाई तक ले जाने की जरूरत है।
गोयल ने जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की जापान-इंडिया बिजनेस कंसल्टेटिव कमेटी और भारतीय दूतावास की राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और विस्तार देने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।
जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और सरकार चाहती है कि इस दशक में इनकी संख्या मौजूदा स्तर से दोगुनी हो। उन्होंने भारत की युवा आबादी और लगातार हो रहे आर्थिक सुधारों को निवेश के लिए बड़ी ताकत बताया।
गोयल ने जापानी कंपनी सुजुकी का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने भारत में पिछले चार दशकों में शानदार विस्तार किया है और आज उसके कारोबार में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में मौजूद 1,580 जापानी कंपनियां भी सुजुकी जैसी सफलता हासिल करें और भारत से 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां विकसित हों।
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा लक्ष्य
गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की है और 2047 तक इसे 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में जापान जैसे भरोसेमंद साझेदारों की अहम भूमिका होगी।
8-9 देशों के साथ एफटीए पर बातचीत
वाणिज्य मंत्री के मुताबिक, भारत फिलहाल 8-9 देशों या देशों के समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत कर रहा है। इन संभावित समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्था तक बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है।
गोयल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों के जरिए करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त जीडीपी वाली 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं तक भारत की बाजार पहुंच बनी है। जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के साथ मौजूदा व्यापार समझौतों से भी करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंच उपलब्ध हुई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)