भ्रष्टाचार पर कड़े कानून की मांग, वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय का बड़ा बयान
नई दिल्ली (आरएनआई) भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Ashwini Kumar Upadhyay ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बेहद कठोर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।
अश्विनी उपाध्याय के अनुसार, यदि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों की अवैध संपत्ति जब्त करने, नागरिकता समाप्त करने और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए, तो इससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार देश के विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे अधिक दुष्प्रभाव गरीब और कमजोर वर्गों पर पड़ता है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं और संसाधनों का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पाता। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के कारण आर्थिक असमानता बढ़ती है और समाज में विकास के अवसरों का समान वितरण प्रभावित होता है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि भ्रष्टाचारियों के लिए नागरिकता समाप्त करने या मृत्युदंड जैसी सजा संबंधी टिप्पणियां अश्विनी उपाध्याय की व्यक्तिगत राय और मांग हैं। भारत में दंड संबंधी किसी भी प्रावधान को लागू करने के लिए संसद द्वारा कानून बनाया जाना आवश्यक होता है और ऐसे विषयों पर संवैधानिक, कानूनी एवं मानवाधिकार संबंधी पहलुओं पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया जाता है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कानूनों और प्रभावी कार्रवाई को लेकर समय-समय पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी-अपनी राय व्यक्त की जाती रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



