निर्जला एकादशी पर ‘गो रथ’ का शुभारंभ, 37 वार्डों में पहुंचेगा गौसेवा का संदेश
गुना(आरएनआई)डॉ. सुनील यादव ने गौशालाओं को समर्पित किया गो रथ, शहरवासियों से एक रोटी और एक कटोरी आटा दान करने की अपील
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुना शहर में गौसेवा और मानवता को समर्पित एक अनूठी पहल का शुभारंभ हुआ। परम पूज्य मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में गौशालाओं के लिए समर्पित ‘गो रथ’ का विधिवत पूजन-अर्चन कर शुभारंभ किया गया। यह रथ शहर के सभी 37 वार्डों में भ्रमण कर गौसेवा के प्रति जनजागरण का कार्य करेगा।
इस अवसर पर मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि गौसेवा ही मानव सेवा है। गौमाता की सेवा से समस्त तीर्थों के दर्शन और पुण्य का फल प्राप्त होता है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार प्रतिदिन एक रोटी और एक कटोरी आटा गो रथ में भेंट करे, जिससे गौशालाओं में रहने वाली गौमाताओं के पालन-पोषण और सेवा में सहयोग मिल सके।
गो रथ को गौशालाओं के लिए भेंट करने वाले समाजसेवी डॉ. सुनील यादव ने मानवता और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि समाज और प्रकृति हमें बहुत कुछ देते हैं, लेकिन हमें भी उनके प्रति अपना दायित्व निभाना चाहिए। गौसेवा उसी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम में यादव परिवार को मुनिश्री सुधासागर जी महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गौसंरक्षण और समाज सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. गणपत यादव के सुपुत्र डॉ. सुनील यादव द्वारा प्रारंभ की गई यह पहल शहर में गौसेवा के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का माध्यम बनेगी। निर्जला एकादशी जैसे पुण्य पर्व पर शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में हजारों लोगों को गौसेवा से जोड़ने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी, गौभक्त एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गो रथ के शुभारंभ के साथ ही पूरे शहर में गौसेवा का संदेश प्रसारित हुआ और लोगों ने गौशालाओं के सहयोग का संकल्प लिया।
"गौसेवा ही सच्ची मानव सेवा"
गो रथ करेगा 37 वार्डों का भ्रमण
घर-घर से जुटेगी एक रोटी और एक कटोरी आटा
गौशालाओं को मिलेगा नियमित सहयोग प्रदान करें जिस की है आयोजन आगामी समय चला रहे और समस्त शहर वासियों से अपील है की योगदान करें जिससे गौ सेवा का कार्य निरंतर चलता रहे इस गो सेव रथ यज्ञ में सम्मिलित होकर तन मन धन से सहयोग करें गौ सेवा ही सर्वश्रेष्ठ सेवा है जिस पर संत भगवान की कृपा होती है उसको गौ सेवा और संत सेवा प्राप्त होती है फिर सत्संग सेवा प्राप्त होती है और सत्संग सेवा से मानव परमात्मा के भक्ति प्रदान होती है और भक्ति से वैराग्य और वैराग्य के बाद मोक्ष को प्राप्त कर लेता है ऐसा शास्त्रों में वर्णन है।
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