तमक नाला बना सिरदर्द, एक दशक में तीन बार बह चुका पुल; हर साल पानी में बह रही आवाजाही की व्यवस्था

Wednesday, August 12, 2026 - 17:53
0
तमक नाला बना सिरदर्द, एक दशक में तीन बार बह चुका पुल; हर साल पानी में बह रही आवाजाही की व्यवस्था

चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर तमक नाला प्रशासन और बीआरओ के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। नाले पर आवाजाही के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं बार-बार तेज बहाव में बह रही हैं। पिछले एक दशक में यहां तीन बार पुल बह चुका है, जबकि कई बार अस्थायी व्यवस्थाएं भी नाले के उफान में बह गईं।

2016 में तमक नाला उफान पर आने से बीआरओ का पक्का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद ह्यूम पाइप और अस्थायी पुल के जरिए आवाजाही बहाल करने की कोशिश की गई, लेकिन ये व्यवस्थाएं भी कई बार बह गईं। बाद में बनाया गया पक्का पुल भी पिछले साल नाले के तेज बहाव में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पिछले महीने तैयार किया गया बैली ब्रिज भी सोमवार को तेज बहाव में बह गया।

तमक नाले के उफान का असर आसपास के ग्रामीणों पर भी पड़ा है। 2016 में नाले के तेज बहाव से कई घरों को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद लोगों ने इन्हें छोड़ दिया। अब ये घर मलबे में दब चुके हैं।

नाले के तेज बहाव से आसपास की कृषि भूमि और फलों के पेड़ों को भी भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, कई किसानों के सेब, खुमानी, आड़ू और अखरोट के पेड़ बह गए हैं। इसके अलावा वन विभाग की चौकी और मत्स्य पालन के लिए बनाए गए तालाबों को भी नुकसान पहुंचा है।

बार-बार पुल और अस्थायी व्यवस्थाओं के बह जाने से तमक नाला क्षेत्र में स्थायी और सुरक्षित आवाजाही व्यवस्था की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User