ईरान संघर्ष से पहले अमेरिकी सैनिकों को सुनाई गई ‘आखिरी युद्ध’ की कहानी, धार्मिक संदर्भों पर उठा विवाद
नई दिल्ली (आरएनआई)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना के भीतर एक नया विवाद सामने आया है। कुछ अमेरिकी सैनिकों ने आरोप लगाया है कि सैन्य कमांडर ईरान के साथ संभावित युद्ध को बाइबिल की ‘एंड-टाइम’ भविष्यवाणियों से जोड़कर पेश कर रहे हैं। सैनिकों का कहना है कि ब्रीफिंग के दौरान आर्मागेडन और यीशु मसीह की वापसी जैसे धार्मिक संदर्भों का उल्लेख किया गया, जिससे सेना के भीतर असहजता और चिंता का माहौल बन गया है।
वरिष्ठ पत्रकार Jonathan Larsen की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई सैनिकों ने शिकायत की है कि कुछ आधिकारिक ब्रीफिंग में धार्मिक कथाओं का इस्तेमाल किया गया। यह शिकायतें Military Religious Freedom Foundation (एमआरएफएफ) को भेजी गई हैं। संगठन का कहना है कि उसे अमेरिकी सशस्त्र बलों के सैनिकों से 110 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो कम से कम 30 सैन्य ठिकानों और 40 से ज्यादा यूनिट्स से जुड़ी हुई हैं। शिकायतों में कहा गया है कि कुछ कमांडर युद्ध को ईश्वर की योजना का हिस्सा बताते हुए बाइबिल की भविष्यवाणियों का हवाला दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक शिकायत में कहा गया है कि एक कमांडर ने नॉन-कमीशंड अधिकारियों को संबोधित करते हुए ईरान के साथ युद्ध को सीधे बाइबिल की भविष्यवाणी से जोड़ दिया। शिकायत में दावा किया गया कि कमांडर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को यीशु ने अभिषेक किया है ताकि वे ईरान में “संकेत की आग” जलाएं और इससे आर्मागेडन की शुरुआत हो, जो अंततः यीशु की पृथ्वी पर वापसी का मार्ग बनाएगा।
एक अन्य ईमेल में एक सैनिक ने बताया कि उनकी यूनिट, जो फिलहाल ईरान के युद्ध क्षेत्र से बाहर लेकिन ‘रेडी-सपोर्ट’ स्थिति में है, वहां भी इसी तरह का संदेश दिया गया। शिकायत करने वाले सैनिकों के अनुसार कमांडर ने यूनिट के नेताओं से कहा कि वे सैनिकों तक यह संदेश पहुंचाएं कि यह युद्ध ईश्वर की दिव्य योजना का हिस्सा है। इस दौरान बाइबिल की Book of Revelation से आर्मागेडन और यीशु की वापसी से जुड़े कई संदर्भ भी बताए गए। बताया गया कि यह शिकायत 15 सैनिकों की ओर से भेजी गई थी, जिनमें 11 ईसाई, एक मुस्लिम और एक यहूदी सैनिक भी शामिल थे।
शिकायत करने वाले एक एनसीओ ने चेतावनी दी कि इस तरह के धार्मिक बयान सेना की एकता और मनोबल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनका कहना था कि ऐसे संदेश यूनिट के भीतर विभाजन पैदा करते हैं और उस संवैधानिक शपथ की भावना के खिलाफ हैं, जिसे सैनिकों ने निभाने का वादा किया है।
एमआरएफएफ के अध्यक्ष Mikey Weinstein ने कहा कि ईरान पर हमलों के बाद से उनकी संस्था को बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आधिकारिक सैन्य संचार में धार्मिक विचारधारा को शामिल करना अमेरिकी संविधान और सैन्य कानून का उल्लंघन हो सकता है। उनके अनुसार यदि कोई सैन्य अधिकारी अपने अधीनस्थों पर धार्मिक विचार थोपने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राजनीति और सैन्य संस्थानों में धार्मिक विचारधारा के बढ़ते प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth पेंटागन और व्हाइट हाउस में धार्मिक सभाओं को बढ़ावा देने के लिए चर्चा में रहे हैं। पेंटागन में मासिक प्रार्थना सभाओं का प्रसारण किया जाता है और वह व्हाइट हाउस में आयोजित साप्ताहिक बाइबल अध्ययन सत्र में भी शामिल होते रहे हैं। यह सत्र उपदेशक Ralph Drollinger के नेतृत्व में आयोजित होता है, जिसमें अक्सर इजरायल के समर्थन से जुड़े धार्मिक तर्क भी दिए जाते हैं।
इन आरोपों के सामने आने के बाद अमेरिकी सेना के भीतर धर्म और सैन्य निर्णयों के संबंध को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
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