यूपी: छाता शुगर मिल शुरू कराने को फिर सड़कों पर उतरे हजारों किसान, पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा आक्रोश; मंच से अल्टीमेटम
छाता। मथुरा के छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर पिछले 40 दिनों से चल रहा धरना सोमवार को पुलिस कार्रवाई के बाद और तेज हो गया। धरना स्थल पर हजारों किसान और महिलाएं जुटे और मिल संचालन की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बताते हुए आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया।
भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहे धरने में सोमवार को बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान और ग्रामीण शामिल हुए। देर रात धरनारत लोगों को हटाए जाने की पुलिस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। सुबह होते ही विभिन्न गांवों से किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर धरना स्थल की ओर निकलने लगे। पुलिस और प्रशासन ने कई स्थानों पर रास्ते रोककर उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे किसानों को धरना स्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण प्रशासनिक बाधाओं को पार करते हुए धरना स्थल पर पहुंचे। यहां किसानों और महिलाओं ने गन्ना मिल चलाओ के नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूबेदार कर्मयोगी ललित कुमार ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी कामकाज में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
ललित कुमार ने मंच से सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि या तो छाता शुगर मिल का संचालन शुरू किया जाए, अन्यथा सांसद समेत पांचों सीटों के जनप्रतिनिधि अपने पद से इस्तीफा दें। वहीं धरने में शामिल हेमंत गुर्जर ने कहा कि जब केंद्रीय स्तर पर मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ सकता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को भी जनता के हितों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान जबर सिंह प्रधान, दिगंबर चौधरी, जोगेंद्र सूबेदार, इंद्रजीत सूबेदार, ठकुरी सूबेदार, कैलाश प्रधान, किशन सिंह आर्य, महिपाल आर्य, लोकमणीकांत जादौन, भावना और सत्यवती समेत बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहे।
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति भी बनी रही। तड़के करीब तीन बजे धरना स्थल पर हुई कार्रवाई की जानकारी फैलने के बाद आसपास के गांवों में हलचल बढ़ गई। सुबह किसानों के ट्रैक्टरों के साथ धरना स्थल की ओर बढ़ने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें सक्रिय रहीं और कई मार्गों पर किसानों को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद हजारों की संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे और शुगर मिल के संचालन की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
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