ईडी के रडार पर टीएमसी सांसद नदीमुल हक: उर्दू अखबार से जुड़े ठिकानों पर छापे, 60 करोड़ से ज्यादा नकदी और बिटकॉइन लेनदेन की जांच
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस-2 ने अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड, क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग और मशरिक मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर दो दिन तक तलाशी अभियान चलाया। ईडी की टीमों ने कोलकाता, रांची और नई दिल्ली में कुल नौ स्थानों पर तलाशी ली। इनमें संबंधित कंपनियों के कार्यालयों के साथ टीएमसी सांसद मो. नदीमुल हक और अन्य लोगों के परिसरों को भी शामिल किया गया।
ईडी ने यह जांच बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एजेंसी के अनुसार, एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि कंपनी अपने उर्दू दैनिक समाचार पत्र और सोशल मीडिया तथा डिजिटल मंचों के जरिए सांप्रदायिक अशांति फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित और प्रसारित कर रही थी। इसके अलावा कंपनी के बैंक खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। टीएमसी सांसद नदीमुल हक को अखबार से जुड़ी कंपनी का निदेशक बताया गया है।
जांच के दौरान ईडी को कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक में कंपनी के कई खातों का पता चला। एजेंसी के मुताबिक, इन खातों में कुल 60 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जमा की गई थी। कर्नाटक बैंक के तीन खातों में करीब 5.60 करोड़ रुपये नकद जमा किए जाने की जानकारी सामने आई, जिन्हें बाद में कंपनी की ओर से बंद कर दिया गया।
ईडी के अनुसार, बैंक खातों की जांच में संदिग्ध स्रोतों से बिटकॉइन खरीदने से जुड़े लेनदेन भी सामने आए हैं। एजेंसी का कहना है कि इन लेनदेन का कोई स्पष्ट व्यावसायिक उद्देश्य नजर नहीं आया, इसलिए इनके स्रोत और वास्तविक उपयोग की जांच की जा रही है।
इसके अलावा ईडी ने आरोप लगाया है कि अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड ने अपने अखबार के वास्तविक प्रसार से अधिक संख्या दिखाकर सर्कुलेशन के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया। एजेंसी के मुताबिक, ऐसा कथित तौर पर अधिक विज्ञापन राजस्व हासिल करने के उद्देश्य से किया गया। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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