ज्ञापन की राजनीति से आगे बढ़कर गौ सेवा के संकल्प की दरकार: राष्ट्र माता के दर्जे से पहले गौ संरक्षण पर उठे सवाल

गोपाल चतुर्वेदी

Monday, September 7, 2026 - 22:10
0
ज्ञापन की राजनीति से आगे बढ़कर गौ सेवा के संकल्प की दरकार: राष्ट्र माता के दर्जे से पहले गौ संरक्षण पर उठे सवाल

मथुरा-वृंदावन (आरएनआई) संत समाज एक तरफ गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए सरकार को लगातार ज्ञापन भेज रहा है और एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर संतों की नगरी वृंदावन की गलियों में गौ माता कूड़े के ढेर से भोजन तलाशने को मजबूर है। यह स्थिति किसी की आस्था पर चोट करने के लिए नहीं, बल्कि आस्था और व्यवहार के बीच के उस गहरे अंतर को दर्शाती है, जिसे अब नजरअंदाज करना मुश्किल हो चुका है। जिस नगरी में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं गायों से जुड़ी रही हैं, वहां यह स्थिति पूरे समाज के लिए एक गंभीर आत्ममंथन का विषय है।

सनातन परंपरा में गाय को केवल पूजा की थाली तक सीमित न रखकर भारतीय कृषि, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक चेतना का आधार माना गया है। दूध, गोमूत्र और गोबर से लेकर खेतों में बैलों के योगदान तक, गाय हमेशा से मानव जीवन का मुख्य सहारा रही है। हालांकि, आज मंदिरों में भोग लगाने वाले हाथों से लेकर गौ माता के नाम पर बड़े आयोजन करने वालों तक, सभी के सामने यह सवाल खड़ा है कि आखिर जिस प्राणी को माता कहा जाता है, उसके लिए कूड़े का ढेर भोजन कैसे बन गया।

गौ संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन पर डाल देना उचित नहीं है। नगर निकायों और प्रशासन का काम गौशालाओं और पशु आश्रयों की निगरानी करना जरूर है, लेकिन समाज और संत समाज का दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है। केवल साल में एक दिन पूजा करने या ज्ञापन सौंपने से आगे बढ़कर समाज को गाय के भोजन, पानी, उपचार और सुरक्षित आश्रय की जिम्मेदारी उठानी होगी।

शेर को राष्ट्रीय पशु या मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा मिलना अपने आप में उनके संरक्षण की पूर्ण गारंटी नहीं बना, क्योंकि वास्तविक संरक्षण कानून, संसाधनों और समाज की भागीदारी से आता है। इसलिए राष्ट्र माता का दर्जा मांगने से पहले समाज को अपने राष्ट्रीय चरित्र और जिम्मेदारी को सिद्ध करना होगा। संत समाज को अपने आंदोलन के साथ-साथ हर घर, मंदिर और मोहल्ले में गौ सेवा का अभियान चलाने का संदेश देना चाहिए, क्योंकि गौ माता का सम्मान शब्दों से नहीं बल्कि व्यवहार से सिद्ध होता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User