यूपी के आलू किसानों के लिए खुशखबरी: मलेशिया को भेजा जाएगा 585 मीट्रिक टन आलू, रूस में भी निर्यात की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के आलू को अब विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में करीब 585 मीट्रिक टन आलू मलेशिया भेजने की योजना है। इसके लिए 15 कंटेनर आलू का निर्यात इसी महीने के अंत तक शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही रूस को भी प्रदेश का आलू निर्यात करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि आलू निर्यात की संभावनाओं को तलाशने के लिए कई निर्यातकों ने विदेशों का दौरा किया है। इनमें ऐसे व्यापारी भी शामिल हैं, जिनकी विदेशों में कंपनियां हैं और जो पहले से आम समेत अन्य कृषि उत्पादों का बड़े स्तर पर निर्यात करते हैं। निर्यातकों ने विभिन्न देशों में आलू के बाजार और मांग की संभावनाओं का अध्ययन किया है।
मलेशिया में उत्तर प्रदेश के आलू के निर्यात की संभावना को देखते हुए इसी महीने के अंत तक पहली खेप भेजने की तैयारी है। यदि वहां प्रदेश के आलू की गुणवत्ता खरी उतरती है और बाजार में इसकी मांग बढ़ती है, तो आने वाले समय में बड़ी मात्रा में आलू का निर्यात किया जा सकता है। इससे किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
रूस को भी भेजे गए आलू के नमूने
रूस में आलू निर्यात की संभावनाओं को लेकर भी प्रयास जारी हैं। प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आलू के नमूने रूस भेजे गए हैं। यदि ये नमूने वहां निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं, तो रूस के बाजार में भी उत्तर प्रदेश के आलू के निर्यात का रास्ता खुल सकता है।
आलू के विदेशी बाजार में पहुंचने से किसानों को स्थानीय बाजारों पर निर्भरता कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। कार्यक्रम में उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल और जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी समेत 31 जिलों के उद्यान अधिकारी, व्यापारी, कोल्ड स्टोरेज संचालक और किसान मौजूद रहे।
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