यूपी में 120 करोड़ के टोल प्लाजा घोटाले पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, आजमगढ़ से आलोक कुमार सिंह हिरासत में
फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की लखनऊ टीम ने गुरुवार तड़के आजमगढ़ के बड़ागांव स्थित काजीसराय के साईं गांव अपार्टमेंट से आलोक कुमार सिंह को हिरासत में लिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आलोक कुमार सिंह पर आईटी विशेषज्ञों के साथ मिलकर कथित तौर पर ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करने का आरोप है, जिसके जरिए देश के 42 टोल प्लाजा पर टोल वसूली में हेरफेर किया गया। इस पूरे मामले में करीब 120 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने की बात कही गई है।
आरोप है कि फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए वसूली गई रकम का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा आरोपी और उसके सहयोगियों के बीच बांटा जाता था, जबकि केवल 5 प्रतिशत राशि सरकारी खाते में जमा की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की जांच ईडी द्वारा की जा रही है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बताया जा रहा है कि जनवरी 2025 में एसटीएफ ने इस कथित टोल घोटाले का खुलासा किया था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से प्रवर्तन निदेशालय ने जांच तेज की और अब इसी सिलसिले में आलोक कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
ईडी की कार्रवाई के बाद वाराणसी के कैथी, डाफी और ढेरही टोल प्लाजा से जुड़े कर्मचारियों और संचालकों में भी हलचल बढ़ गई है। एजेंसी मामले में कथित अवैध वसूली, सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
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