डीआईजी डॉ. आसित यादव ने किया गुना पुलिस का वार्षिक निरीक्षण, हाईटेक पुलिसिंग के लिए तीन नए एप लॉन्च
गुना। पुलिस उपमहानिरीक्षक ग्वालियर रेंज डॉ. आसित यादव ने गुना प्रवास के दौरान पुलिस कार्यों का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस इकाइयों, कार्यालयों, पुलिस वेलफेयर व्यवस्थाओं और थानों का निरीक्षण कर पुलिसिंग की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक हितिका वासल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डीआईजी ने लाल परेड मैदान में आयोजित पुलिस परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों के टर्नआउट, अनुशासन और परेड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उत्कृष्ट टर्नआउट वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया, जबकि अपेक्षानुसार टर्नआउट नहीं पाए जाने वाले कर्मचारियों को सुधार के लिए समझाइश दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस जिम और पुलिस कैंटीन का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को मिल रही वेलफेयर सुविधाओं और उनके रखरखाव की जानकारी ली।
गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए ई-प्रबंध, कवच और क्वार्टर मैनेजमेंट एप का भी डीआईजी ने शुभारंभ किया। ई-प्रबंध एप के जरिए पुलिस कर्मचारियों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जाएगी और ड्यूटी से संबंधित प्रमाण-पत्र उनके मोबाइल पर उपलब्ध होगा। निर्धारित मानकों के आधार पर ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उन्हें ग्रेड भी दिए जाएंगे। कवच एप से पुलिस पेट्रोलिंग और गश्त की मॉनिटरिंग की जाएगी, जबकि क्वार्टर मैनेजमेंट एप के माध्यम से पुलिस कर्मचारियों के लिए उपलब्ध शासकीय आवासों का डिजिटल तरीके से नियमानुसार आवंटन किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई ‘कॉप ऑफ द मंथ’ व्यवस्था के तहत सउनि मेहरबान सिंह रघुवंशी को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह थाना स्तर पर बेहतर पुलिसिंग के लिए शुरू किए गए ‘उत्कृष्ट थाना’ पुरस्कार के तहत इस माह मधुसूदनगढ़ थाना का चयन किया गया। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे को डीआईजी डॉ. आसित यादव ने पुरस्कार प्रदान किया। थानों का चयन अपराधों के निराकरण, शिकायतों के समाधान, माल निकाल और अन्य पुलिसिंग कार्यों में प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
पुलिस लाइन परिसर में आयोजित सैनिक सम्मेलन में डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत और विभागीय समस्याएं सुनीं तथा उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
डीआईजी ने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता को संबोधित कर गुना पुलिस की कार्यप्रणाली और विभिन्न पुलिसिंग गतिविधियों की जानकारी साझा की। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण कर कार्यालयीन स्टाफ से परिचय प्राप्त किया और विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
वार्षिक निरीक्षण के दौरान राघौगढ़ के आईटीआई मैदान में जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यहां आमजन ने अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव डीआईजी के सामने रखे। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही संबंधित अधिकारियों के माध्यम से निराकरण कराया गया।
28 सितंबर की रात गुना पहुंचने के बाद डीआईजी ने कैंट थाने का निरीक्षण किया। इसके बाद 29 सितंबर को राघौगढ़ जनसंवाद कार्यक्रम के बाद राघौगढ़ थाने का भी निरीक्षण किया। उन्होंने थाने के महत्वपूर्ण अभिलेखों, थाना भवन, शस्त्रागार, हवालात और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। थाना स्टाफ से संवाद कर पुलिसिंग और लंबित कार्यों की जानकारी ली तथा अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण और प्रभावी पुलिसिंग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वार्षिक निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने गुना पुलिस की कार्यप्रणाली, पुलिस बल की दक्षता और अनुशासन, पुलिस वेलफेयर, कार्यालयीन व्यवस्था, तकनीकी नवाचारों और आमजन से संवाद की व्यवस्थाओं का व्यापक अवलोकन किया।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन, डीएसपी मुख्यालय जमीलउद्दीन सिद्दीकी, प्रभारी सीएसपी गुना आनंद राय, एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना, एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे, एसडीओपी चांचौड़ा मनोज कुमार झा, डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित, रक्षित निरीक्षक पूजा उपाध्याय सहित जिले के थाना प्रभारी, कार्यालयीन स्टाफ और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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