कौन हैं पेटल गहलोत? संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से शहबाज शरीफ को दिया जवाब, जानिए इस भारतीय राजनयिक के बारे में
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत की ओर से दिए गए जवाब में प्रथम सचिव पेटल गहलोत चर्चा में हैं। भारत के स्थायी मिशन की ओर से बोलते हुए गहलोत ने पाकिस्तान के बयानों पर जवाब दिया और आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर तथा पाकिस्तान की नीतियों से जुड़े भारत के रुख को सामने रखा।
पेटल गहलोत न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव हैं। आधिकारिक मिशन की वेबसाइट पर भी उनके नाम से संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दिए गए वक्तव्य उपलब्ध हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने एक अन्य संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में पाकिस्तान के बयानों पर भारत की ओर से जवाब दिया था।
कौन हैं पेटल गहलोत?
पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी और करियर राजनयिक हैं। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक किया। बाद में उन्होंने अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से भाषा व्याख्या और अनुवाद में भी मास्टर डिग्री हासिल की।
विदेश सेवा में आने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय में भी जिम्मेदारियां संभालीं। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में उनकी नियुक्ति जुलाई 2023 में प्रथम सचिव के तौर पर हुई थी। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में यूरोप से जुड़े मामलों को देखने वाली शाखा में अंडर सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुकी हैं।
संयुक्त राष्ट्र में क्या कहा?
शहबाज शरीफ के संबोधन पर भारत की ओर से जवाब देते हुए पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की आपत्तियां दोहराईं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा। उन्होंने पाकिस्तान के बयानों को भारत के अनुसार गलत नैरेटिव के तौर पर पेश किए जाने पर भी सवाल उठाए।
गहलोत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और धार्मिक असहिष्णुता से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों और वहां की स्थिति का मुद्दा उठाया।
भारत के स्थायी मिशन के अनुसार, गहलोत ने संयुक्त राष्ट्र के एक अन्य कार्यक्रम में भी पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। उस वक्त उन्होंने कहा था कि सीमा पार आतंकवाद के लगातार इस्तेमाल के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विश्वास के आधार पर सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती।
संयुक्त राष्ट्र में लगातार भारत का पक्ष रखने के कारण पेटल गहलोत का नाम अब चर्चा में है। उनकी हालिया टिप्पणियां भारत-पाकिस्तान संबंधों, आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भारत के आधिकारिक रुख को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखने से जुड़ी हैं।
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