अमेरिका-चीन बैठक: जिनपिंग ने ट्रंप के सामने उठाया ताइवान मुद्दा, एआई सहयोग पर बनी सहमति; व्यापार पर भी हुई चर्चा
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ताइवान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), व्यापार और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर चीन की स्थिति स्पष्ट की और अमेरिका से ‘ताइवान स्वतंत्रता’ का विरोध करने तथा इस मुद्दे को सावधानी से संभालने की अपील की।
चीन की मांग क्या है?
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन की राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर उसकी स्थिति स्पष्ट है। उन्होंने ट्रंप से ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने और ताइवान के मुद्दे को सावधानी से संभालने की अपील की। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और उसके साथ एकीकरण को अपनी राष्ट्रीय नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता है। बैठक के बाद ट्रंप की ओर से ताइवान नीति में किसी बदलाव की सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई।
एआई पर कैसे साथ आएंगे अमेरिका-चीन?
बैठक में एआई को दोनों देशों के बीच संभावित सहयोग के क्षेत्र के तौर पर भी सामने रखा गया। शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन एआई के जोखिमों और फायदों पर बातचीत जारी रख सकते हैं तथा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई का विकास मानव नियंत्रण में रहना चाहिए।
ट्रंप ने भी एआई पर दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग जारी रखने की बात कही। हालांकि, एआई के नियमन को लेकर दोनों देशों के रुख में अंतर बना हुआ है। जहां चीन ने एआई के जोखिमों के प्रबंधन और मानव नियंत्रण पर जोर दिया, वहीं ट्रंप प्रशासन एआई के विकास पर अतिरिक्त पाबंदियों को लेकर अधिक सतर्क रुख रखता ह
व्यापार को लेकर भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, ताइवान, तकनीकी प्रतिबंध और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी कायम हैं।
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