CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, बोले- "बिना इस्तीफे आंदोलन जारी रहेगा"
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रियों के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देशभर में लाखों छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अब उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में CJP की ओर से प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास शामिल हुए, जबकि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बातचीत की। बैठक के बाद अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए सबसे पहले जेपी नड्डा का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस बार प्रतिनिधिमंडल को लंबे समय तक इंतजार नहीं कराया गया और जल्द बातचीत पूरी कर ली गई।
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा तथा छात्र प्रधानमंत्री से भी जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों और देश के हित में यही उचित होगा कि शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान पद पर बने रहते हैं तो इससे प्रधानमंत्री की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठ सकते हैं। दीपके के अनुसार, देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को नज़रअंदाज़ करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बड़ी संख्या में युवा इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए इसलिए आगे आई है क्योंकि आंदोलन को देशभर से व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी एकजुटता का परिणाम है कि सरकार को वार्ता के लिए पहल करनी पड़ी।
उन्होंने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
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