17 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा सीएयूपी, यूपीसीए पर लगाए गंभीर आरोप
प्रयागराज। द क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज (सीएयूपी) ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और अन्य के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल प्रकीर्ण रिट याचिका संख्या 3329/2026 दाखिल किए जाने की जानकारी दी है। सीएयूपी की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में पूर्व यूपीसीए सोसाइटी की करीब 17 करोड़ रुपये की धनराशि को कथित तौर पर अवैध तरीके से हड़पने का आरोप लगाया गया है।
सीएयूपी के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश रमेश कुमार यादव के अनुसार, संगठन की शिकायत पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 फरवरी 2026 को यूपीसीए को अपने बैंक खातों और उनमें जमा धनराशि का पूरा विवरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सीएयूपी का आरोप है कि यूपीसीए ने अब तक इस आदेश का अनुपालन नहीं किया है।
सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, रिट याचिका में यूपीसीए की ओर से पूर्व यूपीसीए को 3 सितंबर 2005 को विघटित दर्शाए जाने और सोसाइटी के स्वरूप में परिवर्तन से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। सीएयूपी का कहना है कि इसी आधार पर 3 अगस्त 2026 को एक निर्णय कराया गया।
सीएयूपी ने पूर्व यूपीसीए सोसाइटी के विघटन से संबंधित 3 सितंबर 2005 के दस्तावेजों को फर्जी और कूटरचित होने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनर्विलोकन याचिका भी दाखिल की है। संगठन के मुताबिक, इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है।
सीएयूपी का कहना है कि मामले में पूर्व यूपीसीए की धनराशि, बैंक खातों, सोसाइटी के विघटन से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की न्यायिक जांच जरूरी है। हालांकि, सार्वजनिक सूचना में यूपीसीए की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई पक्ष या प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। ऐसे में मामले के सभी तथ्यों की अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और न्यायालय में होने वाली आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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