हाथरस में हिन्दू नववर्ष उत्सव व भरत मुनि सम्मान समारोह आयोजित

Monday, March 23, 2026 - 19:45
Updated: 5 months ago
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हाथरस में हिन्दू नववर्ष उत्सव व भरत मुनि सम्मान समारोह आयोजित

हाथरस (आरएनआई) संस्कार भारती के तत्वावधान में विनोद विहार कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर हिन्दू नववर्ष संवत्सर 2083 उत्सव एवं भरत मुनि सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला कार्यवाह रामकिशन जी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथियों नगर पालिकाध्यक्ष हाथरस श्वेता दिवाकर एवं विशिष्ट अतिथि आरएसएस के जिला प्रचारक जयकिशोर जी एवं गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य प्रबंध ट्रस्टी चंद्रकांता शर्मा जी रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यवाह रामकिशन जी, जिला प्रचारक जयकिशोर जी, पालिकाध्यक्ष श्वेता दिवाकर, तुलसी दीदी के नाम से विख्यात समाजसेवी अलका वार्ष्णेय, जेल विजिटर अनु विमल एवं आशुकवि अनिल बौहरे ने मां सरस्वती के छवि चित्र पर पुष्पांजलि कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नगरपालिकाध्यक्ष श्वेता दिवाकर ने कहा कि आज के दौड़ते-भागते जीवन में बच्चों को उनके संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्कार ही वह आधारशिला हैं, जिन पर एक सशक्त परिवार और समाज का निर्माण होता है। बिना संस्कारों के बच्चे दिशाहीन हो जाते हैं, उन्हें न तो अपनी संस्कृति का ज्ञान रहता है और न ही जीवन के मूल्यों की पहचान। गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य प्रबंध ट्रस्टी चंद्रकांता शर्मा ने कहा कि आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपने बेटों को उत्तम संस्कार दें। उन्होंने कहा कि जब बेटे संस्कारवान होंगे, तभी बेटियों के लिए एक भयविहीन और सम्मानजनक समाज का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि संस्कार ही व्यक्ति को नर से नारायण बनाने की राह दिखाते हैं और परिवार में यदि माता-पिता स्वयं संस्कारों के प्रति जागरूक हों, तो बच्चे स्वतः ही उस परंपरा को आगे बढ़ाते हैं। इस मौके पर काव्यगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालकवि पुनीत उपाध्याय ने 'तान कर सीना तिरंगा लग रहा आसमान से, भारत हमारा वतन है मुझे प्यार हिंदुस्तान से', आशुकवि अनिल बौहरे ने 'जूता चरित्र में महान है, जन्म से मृत्यु तक दांये पाँव का जूता दांये का तथा बांये पाँव का जूता बांये का रहता है', कोषाध्यक्ष श्याम बाबू चिंतन ने 'ऐसो दूजो देवता देखौ नाहीं तात, बिन मांगे इक माँ दुआ देती है दिन रात', प्रभुदयाल दीक्षित ने 'नारी लक्ष्मी,सरस्वती,नारी दुर्गा शक्ति, नारी पूजा साधना, नारी श्रद्धा भक्ति', संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने 'विजय पर्व है विक्रम का यह वीर भोग्या वसुंधरा' कवितायें सुनाईं। इस मौके पर पंडित हाथरसी, पूरन सागर ने भी काव्य पाठ किया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिला महामंत्री एआर शर्मा एवं संगठन मंत्री मधुलता शर्मा ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा नेत्री सुनीता मिश्रा, विधा संयोजक सुनीता उपाध्याय, रेनू जैन, समाजसेवी बीके शर्मा, दीप्ति वार्ष्णेय, अजय गौड़, किशन उपाध्याय, जीवन लाल शर्मा, मुकेश शर्मा, कल्पना गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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