सुल्तानपुर में झाड़ियों में मिले सैकड़ों फॉर्म-6, मतदाता डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लंभुआ क्षेत्र में झाड़ियों से सैकड़ों भरे हुए फॉर्म-6 मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और बरामद दस्तावेजों को सुरक्षित रख लिया गया है।
क्या है मामला?
लंभुआ कस्बे के दियरा रोड के किनारे झाड़ियों में बड़ी संख्या में भरे हुए फॉर्म-6 पाए गए। फॉर्म-6 का उपयोग मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए किया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन प्रपत्रों में गोसाईं का पूरा और गांधी नगर क्षेत्र के आवेदकों का विवरण दर्ज था।
बरामद दस्तावेजों में कथित तौर पर:
* मतदाताओं के नाम
* पते
* मोबाइल नंबर
* आधार कार्ड की प्रतियां
जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल थी।
प्रशासन का क्या कहना है?
मामले को हाल ही में हुई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल इससे इनकार किया है। अधिकारियों का दावा है कि बरामद फॉर्म वर्ष 2018 के हैं और वर्तमान पुनरीक्षण अभियान से उनका संबंध नहीं है।
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज झाड़ियों तक कैसे पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने वीडियो जारी कर मामले को गंभीर बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया और डेटा सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी वाले दस्तावेजों का इस तरह खुले में मिलना नियमों और गोपनीयता मानकों का उल्लंघन हो सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है फॉर्म-6?
फॉर्म-6 भारत के निर्वाचन तंत्र में नया मतदाता पंजीकरण कराने का आधिकारिक आवेदन पत्र है। इसमें आवेदक की पहचान और पते से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न होते हैं। ऐसे दस्तावेजों का सार्वजनिक स्थान पर मिलना डेटा सुरक्षा और दस्तावेज प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ाता है।
फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह लापरवाही का मामला है, दस्तावेजों के निस्तारण में गड़बड़ी हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। प्रशासन ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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