व्हाइट हाउस बॉलरूम प्रोजेक्ट पर बवाल, ट्रंप के प्रस्ताव के खिलाफ जनता का जोरदार विरोध
वाशिंगटन (आरएनआई)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने के प्रस्ताव को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रहे सरकारी पैनल के सामने जनता ने तीखा विरोध दर्ज कराया और इसे गैर-जरूरी तथा अत्यधिक महंगा बताया। लगभग 400 मिलियन डॉलर की लागत वाले इस प्रस्ताव पर अब अंतिम फैसला 2 अप्रैल को लिया जाएगा।
व्हाइट हाउस में प्रस्तावित बॉलरूम परियोजना की समीक्षा के लिए आयोजित National Capital Planning Commission की बैठक में लोगों ने जमकर नाराजगी जताई। बैठक के शुरुआती दो घंटों में 28 लोगों ने अपनी राय रखी, जिनमें से केवल एक ने परियोजना का समर्थन किया, जबकि बाकी सभी ने इसका विरोध किया। कई लोगों का कहना था कि यह परियोजना जरूरत से कहीं ज्यादा बड़ी और अनावश्यक है।
बैठक में शामिल एक नागरिक काई रोवन ने प्रस्तावित निर्माण को भद्दा और जरूरत से ज्यादा विशाल बताया। वहीं इलिनोइस की पूर्व मेयर डायने मार्लिन ने आयोग से इस परियोजना पर दोबारा विचार करने की अपील की। उनका कहना था कि इतने बड़े फैसले से पहले अधिक समय लेकर इसकी विस्तृत समीक्षा की जानी चाहिए।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3300 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। Donald Trump की योजना है कि इस निर्माण के लिए धन अमीर दानदाताओं और बड़ी कंपनियों से जुटाया जाए। इसी पहलू को लेकर सबसे अधिक विवाद पैदा हुआ है। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था Common Cause की प्रतिनिधि एबिगेल बेलोज ने सवाल उठाया कि आखिर दानदाता इतने बड़े पैमाने पर पैसा क्यों देंगे और इसके बदले में उनसे कोई लाभ की अपेक्षा तो नहीं की जाएगी।
हालांकि आयोग के चेयरमैन Will Scharf ने कहा कि फंडिंग से जुड़ी चिंताएं उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं और आयोग का काम केवल निर्माण प्रस्ताव की योजना और स्वरूप की समीक्षा करना है।
बैठक में इस प्रोजेक्ट के समर्थन में बोलने वाली एकमात्र व्यक्ति तारा ब्राउन थीं। उन्होंने कहा कि यह बॉलरूम सुरक्षा और बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है और अमेरिकियों को इसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखना चाहिए।
इस परियोजना को लेकर आयोग के पास अब तक 35,000 से अधिक लिखित टिप्पणियां भी पहुंच चुकी हैं। इनमें अधिकांश लोगों ने उस योजना का विरोध किया है, जिसके तहत White House के ईस्ट विंग की जगह लगभग 90,000 वर्ग फुट का नया ढांचा बनाने का प्रस्ताव है। आलोचकों का कहना है कि अंतिम मंजूरी मिलने से पहले पुरानी इमारत को गिराना उचित नहीं था।
इस मुद्दे पर कानूनी विवाद भी जारी है। ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्था National Trust for Historic Preservation ने अदालत में निर्माण कार्य रोकने की मांग की थी। संस्था का कहना था कि जब तक कांग्रेस और संबंधित सरकारी पैनल से अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। हालांकि अदालत ने पिछले सप्ताह इस मांग को खारिज कर दिया।
अब इस पूरे विवाद के बीच आयोग 2 अप्रैल को दोबारा बैठक करेगा, जिसमें इस परियोजना पर अंतिम मतदान किया जाएगा। आयोग के चेयरमैन विल शार्फ का कहना है कि वे चाहते हैं कि निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।
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